नई दिल्ली (युग करवट)। एक तरफ अमेरिका ने युद्धविराम के लिए 15-सूत्रीय प्रस्ताव ईरान तक पहुंचाया है, वहीं दूसरी तरफ तेहरान ने बातचीत से इनकार कर सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। पाकिस्तान की मध्यस्थता, बढ़ती सैन्य तैनाती और तेल संकट की आशंका ने वैश्विक चिंता को गहरा कर दिया है। पाकिस्तान ने एक अहम भूमिका निभाते हुए अमेरिका का 15-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव ईरान तक पहुंचाया है। हालांकि, तेहरान ने वॉशिंगटन के साथ बातचीत करने के विचार को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव इस्लामाबाद के मध्यस्थों के जरिए ईरान को सौंपा गया। इसमें कई अहम बिंदु शामिल हैं। इनमें प्रतिबंधों में राहत, नागरिक परमाणु सहयोग, ईरान के परमाणु कार्यक्रम में कमी, मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की अनुमति जैसे मुद्दे शामिल हैं। पाकिस्तान की तरफ से ये प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका पहले ही क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा चुका है।
वॉशिंगटन ने मरीन सैनिकों की सहायता के लिए पैराट्रूपर्स को मिडिल ईस्ट में भेजना शुरू कर दिया है। इससे साफ है कि कूटनीति के साथ-साथ सैन्य तैयारी भी समानांतर चल रही है। ईरान ने इन कूटनीतिक कोशिशों को गंभीरता से लेने के बजाय उनका मजाक उड़ाया है।