गाजियाबाद (युग करवट)। एक बहुत ही जाना-माना शेर है कि दुश्मनी जमकर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिदा ना हो। ये शेर इस वक्त इस फोटो को देखकर कुछ ज्यादा ही सटीक लग रहा है। दरअसल नगर निगम में भाजपा बनाम भाजपा के बीच खूब गुटबाजी चल रही है। मेयर सुनीता दयाल बेबाकी के साथ अपनी बात रखती हैं, उन्हें जो कहना है वो कहती है और जो वो करना चाहती हैं वो करती भी है यही उनकी सबसे बड़ी कमी लोग मान रहे हैं। निगम के अंदर कुछ पार्षद मेयर के साथ हैं कुछ अलग हैं लेकिन इस तस्वीर में जो दिखाई दे रहा है वो स्वस्थ राजनीति के लिए ठीक नहीं है। तीन दिन पहले निगम में सदन कार्यकारिणी कक्ष का उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर सभी पार्षद मौजूद थे। उद्घाटन का रिबन मेयर सुनीता दयाल ने काटा। वहां पर निगम के उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी भी मौजूद थे लेकिन फोटो बयान कर रहा है कि उन्हें ना तो मेयर ने कहा और ना ही किसी अधिकारी ने कहा कि वो भी रिबन को हाथ लगा लें। प्रवीण चौधरी हाथ बांधे खड़े हुए फोटो में दिखाई दे रहे हैं। ये तस्वीर लोगों को ठीक नहीं लगी वो एक उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद हैं और उनका भी एक प्रोटोकॉल है। भले ही आपस में दूरियां हो लेकिन जब साथ हों तो इस तरह की तस्वीर नहीं बनना चाहिए।