गाजियाबाद (युग करवट)। परिवहन कारोबार से जुड़े मुद्दों, बढ़ते टैक्स, प्रदूषण के नाम पर हो रही कार्रवाई और प्रशासनिक सख्ती के विरोध में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा घोषित तीन दिवसीय बंद का आज पहला दिन रहा। बंद के आह्वान का असर गाजियाबाद समेत आसपास के कई जिलों में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टरों ने अपने वाहन खड़े रखे और सडक़ों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सौदान सिंह गुर्जर ने कहा कि लगातार ट्रांसपोर्ट कारोबार को निशाना बनाया जा रहा है।

कभी प्रदूषण के नाम पर वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं तो कभी सीज किया जा रहा है।
इससे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार बार-बार यह दावा करती है कि सडक़ों पर चलने वाले भारी वाहन प्रदूषण का बड़ा कारण हैं। इसी के विरोध में ट्रांसपोर्टरों ने यह निर्णय लिया है कि 21, 22 और 23 मई तक ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहन सडक़ों पर नहीं उतारे जाएंगे, ताकि यह देखा जा सके कि इन तीन दिनों में प्रदूषण के स्तर पर कितना असर पड़ता है। बंद के दौरान ट्रांसपोर्टरों ने कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। बंद के पहले दिन कई ट्रांसपोर्ट नगरों और प्रमुख मार्गों पर सामान्य दिनों की तुलना में भारी वाहनों की संख्या कम दिखाई दी।