लम्बित प्रकरणों पर डीएम ने दिखाई सख्ती
नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। जूम ऐप पर जिले के अधिकारी डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ के साथ लाइव रहेंगे।
डीएम ने इसको लेकर पूर्व में ही सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए थे कि सभी अधिकारी अपने कार्यालय में सुबह दस बजे से 12 बजे तक जनसुनवाई करेंगे और इस दौरान वह जूम ऐप पर उनके साथ लाइव रहेंगे। डीएम ने शुक्रवार को जनसुनवाई करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लम्बित प्रकरणों पर सम्बंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। साथ ही कहा कि कोई भी किसी गरीब, असहाय व बेबस व्यक्ति को परेशान करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जनसुनवाई के दौरान लालकुआं निवासी एक महिला दीपा ने डीएम से इलाज में मदद करने की गुहार लगाई। महिला को गठिया बाय की समस्या है जिसकी वजह से उसका चलना भी भारी हो रहा है। डीएम ने इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए फोन पर सीएमओ से सम्पर्क कर महिला का गुणवत्तापूर्ण इलाज कराने के निर्देश दिए। साथ ही महिला को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी के साथ उपचार के लिए अस्पताल भेजा। डीएम ने इस दौरान कहा कि ऐसा कोई भी कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जिससे सरकार की छवि धूमिल हो। इसके अलावा अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाई करने के भी निर्देश दिए।
बीस साल से शिकायत लेकर काट रहा था, चक्कर डीएम ने कराया चंद दिनों में निस्तारण
गाजियाबाद (युग करवट)। लोनी के सिकरानी निवासी प्रदीप पिछले बीस साल से पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के चक्कर काट रहा था। प्रदीप की जमीन को कुछ लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा था, जिसे लेकर वह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहा था। लेकिन पिछले बीस साल से वह अधिकारियों की चौखट पर पहुंचकर सिर्फ आश्वासन ही पा रहा था। इस बार प्रदीप अपनी शिकायत लेकर डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ की जनसुनवाई में पहुंचे। डीएम ने प्रदीप की समस्या को न सिर्फ सुना बल्कि उसके निस्तारण के लिए जांच कमेटी गठित की गई। इस मामले में जांच के बाद प्रदीप की समस्या का हल हो गया और दंबगों से उसकी जमीन भी कब्जा मुक्त हो गई। समस्या के निस्तारण के बाद शुक्रवार को फिर से प्रदीप डीएम से मिले न सिर्फ उनका आभार व्यक्त किया बल्कि कहा कि जिस समस्या के लिए बीस साल से चक्कर लगा रहा था, उसका निस्तारण चंद दिनों में हो गया। ऐसे अधिकारी हर जिले में होने चाहिए हैं ताकि आमजन को राहत मिल सके।