ग्रेटर नोएडा (युग करवट)। रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के मेहंदीपुर गांव में फर्जी दस्तावेज दिखाकर 4.65 लाख रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मौके पर जमीन ही मौजूद नहीं है। ठगी का शिकार हुए पीडि़त ने जिला न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
देहरादून निवासी नीरज गर्ग ने 2009 में निवेश के मकसद से जमीन खरीदने की योजना बनाई थी। उनकी अपने एक दोस्त के जरिए गाजियाबाद की कुसुम आर्य और सत्य भूषण आर्य से जान—पहचान हुई। दोनों ने नीरज को मेहंदीपुर गांव में एक जमीन दिखाई थी। कुछ और ग्रामीणों की मदद से दोनों ने जमीन की रजिस्ट्री कराने के एवज में सौदा कर 4.65 लाख रुपये ले लिए। उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री और कब्जा कराने की मांग की। लेकिन वह सालों तक उन्हें टरकाते रहे।
मौके पर जाकर पीडि़त ने देखा तो उस खसरा संख्या की जमीन ही नहीं थी। ठगी का मालूम चलने पर पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उनके साथ बदतमीजी की।