गाजियाबाद (युग करवट)। संस्कार उपवन परिवार के तत्वावधान में चल रहे श्री भक्तमाल जयंती उत्सव में कार्यक्रम की शुरुआत अयोध्या से पधारीं तुलसी ने अपने भजनों से की। वृंदावन से पधारे रसिया बाबा ने राजा रघु और भरत का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सच्चे भक्त के हृदय में अभिमान नहीं होना चाहिए। अभिषेक कृष्ण महाराज ने संत कबीर का दोहा सुनाते हुए कहा कि कबीरा कुआँ एक है, पानी भरें अनेक, बर्तन में ही भेद है, पानी सबमें एक। नित्यानंद ने भगवान राम और केवट के प्रसंग का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि जैसे केवट लोगों को गंगा पार कराता है, वैसे ही भगवान राम अपने भक्तों को भवसागर से पार लगाते हैं। इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग ने संतों का स्वागत करते हुए कहा कि राजनीति भी धर्म की तरह पवित्र होनी चाहिए और राजनीति तथा धर्म एक-दूसरे के पूरक हैं। बालाजी पीठ हापुड़ से पधारे यशवाधाचार्य ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। वृंदावन से पधारे संत चित्र बिहारी दास और विचित्र बिहारी दास ने होली के रसिया भजन गाकर ऐसा समां बांधा कि सभी श्रद्धालु झूम उठे और नृत्य करने लगे। उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य यजमान राम अवतार जिंदल के जन्मदिवस पर बधाई गीत गाकर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। संस्कार उपवन के संस्थापक नवनीतप्रिय दास ने भक्तमाल के प्रेरणादायक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त होता है और संतों के जीवन से हमें सनातन संस्कृति के आदर्शों की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग, विधायक संजीव शर्मा, पप्पू पहलवान, अजय चोपड़ा, रामनिवास बंसल, डॉ. दक्ष गुप्ता, डॉ. अविनाश गर्ग, विपिन जी, विजय कौशिक, मनोज गुप्ता, राजकुमार राणा, जयकुमार, अतुल जैन, डॉ. पोद्दार, गुड्डू प्रधान, राकेश मित्तल, संजय अग्रवाल, संदीप मिगलानी आदि उपस्थित रहे।