पीएम और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच वार्ता
नई दिल्ली (युग करवट)। खाड़ी युद्घ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम को देश के राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब राष्टï्र को संबोधित करते हैं या फिर राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करते हैं तो उसके बाद तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो जाती है।
आपको याद होगा कि कोरोना में भी प्रधानमंत्री ने पहले राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की थी और फिर राष्टï्र को संबोधित किया था जिसमें पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई थी। हालांकि जब कोरोना के एक हजार मरीज थे तब पूरे देश में लॉकडाउन था और जब एक लाख मरीज थे तब लॉकडाउन खत्म हो गया था। जाहिर है कि देश आज भी कोरोना को नहीं भूल पाया है। लेकिन इसमें भी कोई दोराय नहीं है कि पूरा देश एक साथ सरकार के साथ खड़ा था। सरकार ने कहा थाली बजाओ तो थाली बजाई और लाइट जलाने को कहा तो सबने ब्लैक हाउट के बाद मोबाइल की लाइटें ऑन की थी। जाहिर है कि जब भी देश में कुछ होता है देशवासी पूरी मुस्तैदी के साथ सरकार के साथ खड़े होते हैं। उसी जमाने में सरकार ने राशन वितरण की भी बात कही थी जो लगातार अब भी जारी है और उसके सहारे चुनाव भी जीत लिये। ऐसा भी पहली बार हुआ है जब 80 करोड़ लोगों को सरकार फ्री में राशन दे रही है। कोई भी सरकार रही हो उसने कभी भी गरीबों को फ्री में राशन नहीं दिया। ये मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धी है और सबसे बड़ी बात ये हैं कि राशन वितरण में कहीं कोई भेदभाव नहीं है। सबको एक समान नजर से देखा जा रहा है। आज खाड़ी युद्घ को लेकर भी देश में कहीं ना कहीं गैस को लेकर पैनिक बना हुआ है। अभी पेट्रोल मिल रहा है लेकिन आगे क्या होगा कुछ कहा नहीं जा सकता। लंबी खामोशी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सक्रिय हुए हैं। परसों देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह एवं गृहमंत्री अमित शाह ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी जिसमें सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों और खाड़ी देशों की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। विपक्ष ने सरकार को पूरी तरह से समर्थन की बात कही है। हालांकि प्रधानमंत्री बैठक में नहीं आये थे। सर्वदलीय बैठक के बाद अब प्रधानमंत्री आज देश के राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा को लेकर लोगों में चर्चा है कि क्या कोई बड़ा कदम सरकार उठाने जा रही है कि पहले राज्यों को विश्वास में लिया जा रहा है या फिर कुछ और बात है। बहरहाल आज की चर्चा पर सभी की नजरें हैं। हालांकि अफवाहों का बाजार भी गरम है, अफवाह फैलाई जा रही है कि पेट्रोल को देखते हुए और गैस की किल्लत को देखते हुए हो सकता है कि रात का लॉकडाउन लगा दिया जाए ताकि रात को होटल बंद करा दिये जाए और रात में गाडिय़ां ना चले जिससे पेट्रोल की मांग कम होगी और गैस की भी मांग कम रहेगी। हालांकि किल्लत कम है अफवाह ज्यादा है, सरकार अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी कर रही है। लेकिन पेट्रोल पम्प पर लंबी लाइन जरूर लग रही है।