पिछले तकरीबन एक सप्ताह से पूर्व सांसद केसी त्यागी के राजनीतिक भविष्य को लेकर देशव्यापी चर्चाएं चल रहीं थीं। लोग अपने-अपने हिसाब से कयास लगा रहे थे। युग करवट ने पहले ही बता दिया था कि केसी त्यागी का रालोद में जाना तय हो गया है। अब लोग हिसाब लगाने लगे हैं कि केसी त्यागी के आने से रालोद को कहां-कहां और कितना लाभ होगा। अब यह तो किसी से छुपा नहीं है कि केसी त्यागी को चाहने वाले उनको मानने वाले केवल पश्चिम उत्तर प्रदेश तक तो सीमित हैं नहीं। उनका प्रभाव पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ साथ दिल्ली, हरियाणा के कई सीटों पर भी है। जाहिर है कि केसी त्यागी के रालोद में आने के बाद उनके समर्थकों का झुकाव भी इसी और हो जाएगा। केसी त्यागी का कद, उनका अनुभव, राजनीति में महत्व आदि के बारे में तो सब जानते ही हैं। मगर कल दिल्ली के मावलंकर हॉल में हुए कार्यक्रम के बाद उनके पुत्र अमरीश त्यागी को लेकर भी बहुत सी बातें कही जा रही हैं। आज की पीढ़ी जानती है कि अमरीश त्यागी क्या हैं। जितना वह बड़े-बुजुर्गों का सम्मान खुद करते हैं उससे कहीं ज्यादा युवाओं के बीच उनका सम्मान है। पिता की ही भांति अमरीश त्यागी ने गाजियाबाद से सहारनपुर और मेरठ से बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा तक उनके साथ युवाओं की मजबूत टीम खड़ी है। अमरीश बहुत शालीन हैं, ऊर्जा से सराबोर हैं, सम्मान देना जानते हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि वह वर्तमान राजनीति की नब्ज समझते हैं। पेशे से वह राजनीतिक और चुनाव प्रबंधन कंपनी चलाते हैं। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप तक का चुनाव वह संभाल चुके हैं। नेपाल सहित कई और देशों में अलग अलग दलों के लिए चुनाव प्रबंधन का काम कर चुके हैं। राजनीति की बहुत सी चीजें उनकी अंगुलियों पर हैं। इन सब चीजों के हिसाब से ही कहा जा सकता है कि जितना लाभ केसी त्यागी के आने से रालोद को मिलेगा उससे कम अमरीश त्यागी भी नहीं होने देंगे। दिल्ली के मावलंकर हॉल में जुटी युवाओं की भीड़ इस बात की गवाही दे रही थी।