लखनऊ में महत्वपूर्ण बैठक
देर से ही सही कुछ माह के लिए ही सही यूपी में कार्यकर्ताओं के अच्छे दिन आने वाले हैं। नौ साल से इन अच्छे दिनों का इंतजार कार्यकर्ता कर रहे थे। अभी हाल ही में पार्षदों को नामित किया गया है अब मंत्रिमंडल का विस्तार भी होने वाला है और कार्यकर्ताओं को निगमों में व अन्य सरकारी संस्थाओं में जिम्मेदारी दिये जाने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। कल लखनऊ में भाजपा कार्यालय में अहम मीटिंग हुई जिसमें प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह एवं प्रदेश के प्रभारी विनोद तावडे भी बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में समर्पित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दिये जाने पर मंथन हुआ। इस मंथन में भी सामाजिक और जातिगत समीकरणों के आधार पर २०२७ के विधानसभा चुनाव को मद्देजन रखते हुए बहुत ही गंभीरता के साथ एक-एक नाम पर विचार विमर्श हुआ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कई कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल पश्चिमी बंगाल में चुनावी सभाओं में भाग लेने के लिए गये थे इसलिए वो बैठक में शामिल नहीं हुए। जिन नामों पर विचार हुआ है एक बार उनके संज्ञान में भी उन नामों को लाया जाएगा। हालांकि सबकुछ दिल्ली के इशारे पर ही फाइनल होगा। २०२७ विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए काफी अहम है। ३ मई को चार राज्यों के परिणाम देश की राजनीति की तस्वीर भी तय करेंगे और उत्तर प्रदेश की भी तस्वीर परिणाम तय करेंगे। वर्तमान में अगर यूपी की बात की जाए तो जो स्थितियां सामने हैं वो फिलहाल भाजपा के लिए सही संकेत नहीं है। इसलिए समय रहते बहुत कुछ बदलाव की तैयारियां चल रही है। जय हिंद