हाउस टैक्स का मामला: जनता को मिली बड़ी राहत
शहर की उम्मीदों पर खरी उतरी सुनीता दयाल
गाजियाबाद (युग करवट)। आखिरकार महापौर श्रीमती सुनीता दयाल ने जो कहा वो करके दिखा दिया। तमाम लंबी लड़ाई के बाद हाउस टैक्स के मामले में जनता को मेयर सुनीता दयाल ने बड़ी राहत दी। पिछले डेढ़ साल से हाउस टैक्स को लेकर बहुत लंबी लड़ाई चल रही थी। कुछ पूर्व पार्षद बढ़े हुए हाउस टैक्स के खिलाफ हाईकोर्ट भी चले गये थे लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। हालांकि मेयर सुनीता दयाल पहले दिन से ही बढ़े हुए हाउस टैक्स के खिलाफ थी और उन्होंने ही 30 जून 2025 को बोर्ड बैठक बुलाकर बढ़े हुए हाउस टैक्स के प्रस्ताव को रद्द करा दिया था। लेकिन इसके बाद भी बढ़े हुए टैक्स के नोटिस जारी होते रहे। लेकिन बीच-बीच में मेयर सुनीता दयाल हाउस टैक्स में 20 प्रतिशत छूट की घोषणा करके लोगों राहत देती रही है। वहीं बार-बार मीडिया में बयान जारी करके लोगों से कहती रहीं कि वो बढ़ा हुआ हाउस टैक्स जमा ना करें और साथ में उन्होंने ये भी कहा था कि जिन लोगों ने बढ़ा हुआ टैक्स जमा कर दिया है वो आगे टैक्स में समायोजित करा देंगी। हाईकोर्ट में जब पूर्व पार्षदों की रिट खारिज हो गई और निगम के टैक्स के बढ़े हुए प्रस्ताव को माना तब स्थिति और गंभीर हो गई। लेकिन मेयर यहां भी जनता के साथ खड़ी रही और उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर वो लड़ाई लड़ेंगी और जनता को राहत दिलाएंगी। इस बीच निगम की ओर से एक अप्रैल से 12 प्रतिशत ब्याज लगाने की बात भी सामने आयी जिससे लोगों में हडक़ंप मच गया लेकिन मेयर फिर बयान जारी किया और कहा कि जनता नहीं घबराये जो कह दिया वो होकर रहेगा। कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा, बढ़ा हुआ टैक्स वापस होगा। लोग कहते रहे ऐसा कैसे होगा लेकिन मेयर ने मुख्यमंत्री नगर निगम विकास मंत्री और तमाम शासन में बैठे बड़े अधिकारियों से मुलाकात की और उसके बाद कल बढ़ा हुआ टैक्स वापस हुआ। नगरायुक्त विक्रमादित्य मलिक ने प्रेस कॉन्फिरेंस में जनता को राहत देने वाली बातें कही। बहरहाल मेयर ने जो कहा वो करके दिखाया। जनप्रतिनिधि इसे ही कहते हैं।