नई दिल्ली (युग करवट)। ईरान ने कहा कि उसने मध्यस्थों की ओर पेश किए गए प्रस्तावों पर अपना जवाब तैयार कर लिया है। उसने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका व इजरायल हमले तेज करते रहेंगे वह सीधी वार्ता में शामिल नहीं होगा। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव अत्यधिक मांगों वाला है। हमने अपनी मांगों का एक अलग सेट तैयार कर लिया है और उसे औपचारिक रूप दे दिया है। इस संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि इस्फहान में पायलट बचाव अभियान केवल एक छल-कपट था, जिसका मकसद ईरान के संवर्धित यूरेनियम को जब्त करना था।