गाजियाबाद (युग करवट)। गाजियाबाद के प्रथम पुलिस आयुक्त रहे अजय मिश्रा के कार्यकाल की आज भी लखनऊ में काफी प्रशंसा हो रही है। लखनऊ के सरकारी तंत्र में जब पुलिस आयुक्त के कार्यकाल को लेकर चर्चा होती है तो उसमें गाजियाबाद के प्रथम पुलिस आयुक्त अजय मिश्रा का नाम भी आता है। दरअसल, गाजियाबाद में जब पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू हुई थी तब लोगों को ये पता भी नहीं था कि पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था क्या होती है। दशकों से एसएसपी के रूप में यहां के लोग पुलिस व्यवस्था से रूबरू हो रहे थे। अचानक ही जब पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था हुई तो उसको समझने में काफी समय लगा। पब्लिक ही नहीं बल्कि पुलिस विभाग में तैनात कर्मचारी भी नई व्यवस्था से वाकिफ नहीं थे। एक मिशन के तौर पर आईपीएस अजय मिश्रा को गाजियाबाद का पुलिस आयुक्त बनाया गया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जिस तरह पूरी कमिश्नरेट व्यवस्था को जमीन पर पूरी तैयारी के साथ उतारा ये अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी। कुछ ही समय में उस नई व्यवस्था का हिस्सा बन गये थे। उनका सबसे लंबा कार्यकाल भी रहा और इस दौरान कानून व्यवस्था को लेकर उन्होंने जहां मजबूत व्यवस्था की वो भी अपने आप में लोग याद करते हैं। अभी हाल ही लखनऊ में जब कुछ बड़े पुलिस अफसर और राजनेताओं के बीच चर्चा चल रही थी तब गाजियाबाद की व्यवस्था को लेकर पुलिस आयुक्त रहे अजय मिश्रा की कार्यप्रणाली को याद ही नहीं किया गया बल्कि प्रशंसा भी की गई।