और एक कार्यक्रम में मंच से खूब उतारी डिप्टी सीएम की
गाजियाबाद (युग करवट)। अंतराष्टï्रीय स्तर के कवि बेदाग छवि वाले व्यक्तित्व कुमार विश्वास को लेकर अब जनता में भी ये सवाल उठनेे लगे हैं कि आखिरकार भाजपा कुमार विश्वास को राज्यसभा में कब भेजेगी। हालांकि कुमार एक बार नहीं कई बार इस बात का खंडन कर चुके हैं कि वो राज्यसभा नहीं जाना चाहते, लेकिन उनके चाहने वाले चाहते हैं कि कुमार विश्वास देश के सबसे बड़े सदन में जरूर पहुंचे। आज कुमार विश्वास एक ऐसा नाम है जो पूरे देश के अलावा अन्य देशों में भी किसी पहचान का मोहताज नहीं है। भाजपा के कई मंचों पर कुमार विश्वास की मौजूदगी से लोग इस बात का अंदाजा लगाने लगे हैं कि कहीं ना कहीं कुमार विश्वास का झुकाव भाजपा की तरफ है।
कुमार विश्वास एक ऐसे व्यक्ति हैं, एक ऐसी शख्सियत हैं जिनकी बेटी की शादी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सहित पूरा मोदी मंत्रिमंडल मौजूद था। ऐसी शख्सियतें मौजूद थीं जिनके साथ लोग फोटो खिंचवाने में लोग लगे रहते हैं, लेकिन शादी के मंजर में अच्छी-अच्छी शख्सियत कुमार विश्वास के साथ फोटो खिंचवाने का इंतजार कर रही थीं। शायरी में अपना नाम कमान के बाद आज कथा में जिस तरह उनका नाम चल रहा है वो सभी के सामने हैं। वो जिस तरह कथा करते हैं पूरा माहौल राममय हो जाता है और हर व्यक्ति पूरे माहौल का हिस्सा बन जाता है। ये काबिलियत आज कुमार विश्वास में है। आम आदमी पार्टी के साथ उनकी नजदीकी जगजाहिर थी और कुमार विश्वास की बदौलत ही दिल्ली की सत्ता पर आम आदमी काबिज हुई, लेकिन यहां भी उसूलों और सिद्धांतों के साथ कुमार विश्वास ने समझौता नहीं किया। अब भाजपा के मंचों पर उनकी मौजूदगी कई तरह के संकेत दे रही है। हालांकि राज्यसभा सदस्य का पद उनके व्यक्तित्व से कोई मेल नहीं खाता है। क्योंकि वो खुद किंगमेकर की भूमिका में रहते हैं, लेकिन एक संवैधानिक पद पर अगर वो नियुक्त होंगे तो स्वाभाविक है उसका भी एक अलग जलवा होगा। आज उनके पास जेड प्लस सुरक्षा भी है। आलिशान घर भी है और संबंधों की बात करें तो देश का कोई ऐसा बड़ा नाम नहीं होगा जिससे कुमार विश्वास के संबंध ना हों। कुमार विश्वास की बेबाकी का यह आलम है कि जब वो कहने पर आते हैं तो फिर किसी को नहीं बख्शते हैं। अभी हाल ही में एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को उन्होंने आड़े हाथों ले लिया। ब्रजेश पाठक के भाषण के बाद जब कुमार विश्वास का नंबर आया तो उन्होंने बहुत ही बेबाकी से अपनी बात भी रखी और भड़ास भी निकाल ली। बहरहाल, कुमार विश्वास के चाहने वाले चाहते हैं कि अब कोई बड़ी जिम्मेदारी भाजपा में या सरकार में उनको मिले।