नीतीश की विदाई
पूरी दुनिया में ईरान, अमेरिका इजरायल एवं अन्य देशों के युद्घ को लेकर चर्चाएं चल रही थी। दुनिया के कई देशों में मिसाइल गिर रहे थे। इन तमाम बातों से बेखबर भाजपा ने बिहार में एक ऐसा राजनीतिक मिसाइल चलाया जिसमें २० साल से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान नीतीश कुमार को हिला दिया। ये उम्मीद थी कि नीतीश कुमार हटेंगे और बिहार में भाजपा का सीएम होगा। लेकिन चार महीने में हट जाएंगे इसकी उम्मीद नहीं थी। आखिरकार ऐसा क्या हो गया कि वो नीतीश कुमार की एक मजबूत बेसाखी है रातोंरात उसे हिला दिया। राजनीतिक समीक्षक कहते थे कि नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू सरकार की मजबूत बैसाखी है उन्हें कोई नहीं छेड़ सकता। लेकिन ये सब बातें धरी की धरी रह गई। दिल्ली वालों ने ये अहसास करा दिया कि वो जो चाहते हैं वो फैसला ले लेते हैं। उन्हें किसी भी सिचवेशन से निपटना आता है। नीतीश कुमार को हटाना अपने आप में एक बड़ा संकेत है। उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पिछले दो साल से खूब चर्चाएं चल रही हैं। लेकिन इस बीच ये भी चर्चा चलती है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक मजबूत स्थिति में हैं और उन्हें हटाना आसान नहीं है। ये भी चर्चा चलती है कि और मुख्यमंत्रियों से ज्यादा पावरफुल सीएम योगी हैं। हालांकि इस चर्चा में दम भी है लेकिन नीतीश कुमार के साथ जो हुआ उसके बाद अगला नंबर किसका ये चर्चा शुरू हो गई है। जाहिर है कि दिल्ली वाले बिना नफा-नुकसान के कोई भी कदम, फैसला लेने की हिम्मत रखते हैं। केंद्र सरकार की मजबूत बेसाखी जनता दल यू के प्रमुख नीतीश कुमार को जब बिहार से हटाकर दिल्ली ले आये तो फिर दूसरों के साथ भी ये हो सकता है। वो अब किसी गलतफहमी में ना रहे ये अहसास भी दिल्ली वालों ने नीतीश को हटाकर करा दिया है। बहरहाल, इस समय नीतीश के हटने के बाद यूपी में भी राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। 2027 का विधानसभा चुनाव का माहौल चल रहा है और ब्राह्मïण नाराज हैं इसलिए डैमिज कंट्रोल के लिए दिल्ली वाले कोई भी कदम उठा सकते हैं इससे इनकार नहीं किया जा सकता। जय हिंद