मेयर ने दिए निरस्तीकरण की कार्यवाही के निर्देश
गाजियाबाद (युग करवट)। नगर निगम में एक और गड़बड़ी सामने आई। जांच में पाया गया कि कई साल से नर्सरियों से नगर निगम के पास कोई पैसा नहीं आया है। शिकायत मिलने के बाद मेयर सुनीता दयाल ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पाया गया कि कई वर्षों से नर्सरियों की ओर से नगर निगम को कोई पैसा नहीं दिया जा रहा है। इस पर मेयर ने नर्सरियों के आवंटन को निरस्त करने के निर्देश दिए। मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि उनके पास नर्सरी संचालकों द्वारा अत्यधिक क्षेत्र घेरने नर्सरियों में अन्य व्यवसाय करने की शिकायत आई थी। इस पर जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में नर्सरी संचालकों द्वारा ज्यादा क्षेत्रफल घेरने, नर्सरियों ने अन्य व्यवसाय जैसे चाय के खोके,पान की दुकान, मछली बेचना, खोके रखना की शिकायत सही पाई गई। इन पर नगर निगम के अधिकारियों द्वारा कार्यवाही भी की थी।
मेयर सुनीता दयाल ने इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए फिर से उद्यान विभाग की टीमों को जांच में लगाया। जांच में पाया गया कि 70 नर्सरी संचालकों की ओर से 5 वर्षों से नगर निगम कोष में कोई भी पैसा जमा नहीं कराया गया। इससे नगर निगम को लगभग 30 लाख प्रतिवर्ष घाटा हो रहा है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मेयर ने उद्यान प्रभारी डॉ अनुज को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिनके भी पैसे वित्तीय वर्ष में जमा नही हुए, उनके खिलाफ तत्काल प्रभावी कार्यवाही कर नर्सरी निरस्तीकरण किया जाए। ऐसी नर्सरियों के सामान जब्त करने के भी निर्देश दिए गए।