यूपी को लगेंगे विकास के पंख
वाराणसी-गोरखपुर में मेट्रो, साल में दो मुफ्त गैस सिलेंडर का ऐलान
युग करवट संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में राज्य का 6 लाख 15 हजार 518 करोड़ का बजट 2022-23 पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं में सुधार किया। सभी जिलों में उत्पादों को बढ़ावा दिया। फिल्म सिटी की स्थापना का फैसला लिया। मुफ्त गैस कनेक्शन भी दिए गए। गरीब लोगों को फ्री राशन देने का फैसला किया गया। किसानों को आर्थिक सहायता दी गई। लेखाकार सह डाटा एंटी ऑपरेटर्स को प्रशिक्षण दिया गया। प्रदेश सरकार द्वारा अधिकाधिक सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों की स्थापना के लिए प्रोत्साहनात्मक वातावरण का सृजन किया गया है, जिसके फलस्वरूप वित्तीय वर्ष 2021-22 में लगभग 3 लाख 97 हजार 028 उद्यम पंजीकृत हुए, जिसमें 27 लाख 84 हजार 117 रोजगार का सृजन हुआ। प्रदेश की 54,876 ग्राम पंचायतों में स्थापित ग्राम सचिवालयों के सुचारू संचालन के लिए 56,436 पंचायत सहायक-लेखाकार सह डाटा एंटी ऑपरेटर्स का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स उद्योग नीति के तहत पांच साल में 40,000 करोड़ रुपये के निवेश और चार लाख लोगों के लिए रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मनरेगा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 26 करोड़ मानव दिवस का सृजन किया गया, जिसके सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा योजना के तहत 32 करोड़ मानव दिवस सृजन किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सुरेश खन्ना ने कहा कि जून 2016 में प्रदेश में बेरोजगारी की दर 18 प्रतिशत थी, जबकि अप्रैल 2022 में यह घटकर 2.9 प्रतिशत रह गई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा पिछले पांच साल में 9.25 लाख से ज्यादा युवाओं को विभिन्न प्रकार के अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रशिक्षित करते हुए प्रमाणीकृत किया गया। जिनमें 4.22 लाख युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरियां दिलाई गईं। प्रदेश में निजी निवेश के माध्यम से एक करोड़ 81 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया। 60 लाख से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से विगत पांच साल में युवाओं को 4.50 लाख सरकारी नौकरियों में लिया गया। सरकार कुपोषण के मुद्दों को दूर करने में जुटी है। कोविड-19 संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था के लिए जून 2021 से उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का संचालन किया जा रहा है। पात्र बच्चों को 4000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों के मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले कुछ वर्षों में शिशु मृत्यु दर में गिरावट आई है। दस्तक कार्यक्रम इस सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है जिसके परिणामस्वरूप सभी क्षेत्रों में बच्चों की मृत्यु में बड़ी कमी आई है। सिक एंड न्यूबॉर्न करते हुए सरकार ने पिछले पांच साल में प्रति वर्ष एक लाख से ज्यादा मृत्यु को रोका है।
मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 695 करोड़
मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 695 करोड़ का बजट है। पीडब्लूडी की सडक़ों के लिए 18500 करोड़ का बजट रखा गया है। काशी विश्वनाथ राजघाट पुल के लिए 500 करोड़ के बजट की व्यवस्था रखी गई है। बाढ़ नियंत्रण के लिए 2700 करोड़ का बजट रखा गया है। नमामि गंगे में जल जीवन मिशन को 19500 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।
बिजली में रीवैम्प के लिए 31 हजार करोड़ का बजट
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, डिफेंस कॉरिडोर के किनारे विकास कार्य होंगे। बिजली में रीवैम्प के लिए 31 हजार करोड़ का बजट रखा गया है। वृद्धावस्था पेंशन 500 से बढ़ाकर 1000 की गई है। 14 मेडिकल कॉलेजों को 2100 करोड़ का बजट रखा गया है। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के लिए 897 करोड़ की व्यवस्था की गई है। ग्रीन फील्ड और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट है।
वित्त मंत्री ने बताया कि इन्वेस्टर्स समिट-2018 का आयोजन हमारे लिए काफी सफल साबित हुआ। जिससे हमें 4.68 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश प्रस्तावों में से लगभग 03 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का कार्यान्वयन विभिन्न चरणों में किया गया। इन निवेशों से पांच लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। वाराणसी और गोरखपुर में मेट्रो रेल शुरू करने के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पुलिस के आवासीय भवनों के लिए 800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अनावासीय भवनों के लिए 800 करोड़ रुपये, नवसृजित जनपदों में पुलिस के आवासीय और अनावासीय भवनों के लिए 300 करोड़ रुपये, नवसृजित जनपदों में पुलिस लाइन के निर्माण के लिए भूमि क्रय हेतु 65 करोड़ 70 लाख रुपये आवंटित किए गए। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बाबू जी कल्याण सिंह स्ट्रीट लाइट योजना शुरू होगी। निराश्रित महिला पेंशन बढ़ाकर 1000 रुपये की गई। दिव्यांग भरण पोषण राशि बढ़ाकर 1000 रुपये की गई। संत पुरोहितों के लिए बोर्ड के गठन के लिए 1 करोड़, लघु सिंचाई योजना के लिए 1000 करोड़ और कोविड में अनाथ बच्चों के लिए 4 हजार करोड़ की व्यवस्था की गई है।
रबी विपणन वर्ष 2022-2023 में भारत सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया। प्रदेश में गेहूं क्रय एक अप्रैल 2022 से 15 जून 2022 तक निर्धारित है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए प्रदेश में 5608 क्रय केन्द्र स्थापित किए गए हैं। 25 अप्रैल 2022 तक लगभग 94 हजार मीट्रिक टन गेहूं का क्रय किया गया। प्रदेश में 34,307 राजकीय नलकूपों और 252 लघु डाल नहरों द्वारा किसानों को मुफ्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। वर्ष 2021 2022 में 99.80 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया है। वर्ष 2022-2023 में 119.30 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य है। वित्तीय वर्ष 2022-2023 में 15,000 सोलर पम्पों की स्थापना कराई जाएगी। कृषि उत्पादन में गुणवत्तायुक्त बीजों का सर्वाधिक महत्व है। इसलिए वर्ष 2021-2022 में 60.10 लाख कुंतल बीजों का वितरण किया गया है। वर्ष 2022-2023 में 60.20 लाख कुंतल बीजों का वितरण किया जाना प्रस्तावित है।