वरिष्ठ संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। उत्तर प्रदेश में 20 अगस्त तक प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की जा सकती है। प्रदेश अध्यक्ष को लेकर हाईकमान किसके नाम पर मुहर लगाता है यह तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन एक फॉर्मूला यूपी में जरूर तय होता दिख रहा है। पार्टी के सूत्र बता रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए कांग्रेस हाईकमान प्रदेश अध्यक्ष के साथ छह कार्यकारी अध्यक्षों के नाम पर भी मुहर लगा सकती है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में आने वाले समय में निकाय चुनाव होने हैंं। उसके बाद लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी मैदान में उतरेगी। इसके लिए पार्टी के संगठन को मजबूती देना बेहद जरूरी हो गया है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को सबसे बड़ी कमजोर माना जाता है। उत्तर प्रदेश का विशाल प्रदेश होना इसका बड़ा कारण है। यूपी में 80 लोकसभा एवं 403 विधानसभा सीटें हैं। इस लिहाज से प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में पार्टी के संगठन को सुचारू रूप से चलाने में अक्सर ही पूरी तरह से सफल नहीं हो पाते हैं। प्रदेश के बारे में वैसे भी कहा जाता है कि यहां हर चार कोस पर पानी और हवा दोनों बदल जाते हैं। कांग्रेस पार्टी अभी तक कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष के साथ चार कार्यकारी अध्यक्ष देने का फॉर्मूला आजमाती आई है। कई राज्यों में इस फॉर्मूले का पार्टी को फायदा भी मिला है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के विशालकाय होने के कारण यहां 6 कार्यकारी अध्यक्षों के फॉर्मूले को आजमाया जा सकता है।
पार्टी की रणनीति पर गौर फरमाया जाए तो प्रदेश को छह जोन में बांट दिया गया है। पूर्वांचल, प्रयाग, अवध, बुंदेलखंड, बृज और पश्चिम में के छह जोन में प्रदेश को बांटकर पार्टी काम कर रही है। गत दिनों प्रत्येक जोन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिवों को प्रभारी के रूप में नियुक्त भी किया गया है। इसी तर्ज पर पार्टी उत्तर प्रदेश में अध्यक्ष के साथ 6 कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है। इस फॉर्मूले को आजमाने से यूपी के हर जोन में कांग्रेस के पास अध्यक्ष होगा। इससे जनता तक पार्टी की रणनीति पहुंचाई जा सकती है और जनता की आवाज पार्टी तक पहुंच सकती है। साथ ही कार्यकर्ताओं में होने वाले बिखराव को भी रोका जा सकता है। पार्टी समझती है कि इस फॉर्मूले से निश्चित ही पार्टी को आने वाले निकाय एवं उसके बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में लाभ मिलेगा।

1 अगस्त को गाजियाबाद आ सकते हैं कांग्रेस प्रभारी प्रदीप नरवालगाजियाबाद। कांग्रेस के पश्चिमी यूपी प्रभारी प्रदीप नरवाल अब एक अगस्त को गाजियाबाद आ सकते हैं। गाजियाबाद में वह नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अहम पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। दरअसल, गत दिनों प्रभारी प्रदीप नरवाल का कार्यक्रम गाजियाबाद के लिए निर्धारित हो गया था। किन्हीं कारणों के कारण कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा था। सूत्र बता रहे हैं कि प्रभारी प्रदीप नरवाल का कार्यक्रम अब एक अगस्त को गाजियाबाद में आयोजित हो सकता है।