युग करवट संवाददाता
नोएडा। एक कहावत है कि वोट पाने के लिए नेता किसी भी हद तक जा सकते हैं। यह बात कल उस समय चरितार्थ हुई जब समाजवादी पार्टी के एक बड़े नेता ने किसानों द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन के दौरान नोएडा प्राधिकरण पर पहुंचकर विरोध स्वरूप किसानों द्वारा प्राधिकरण के गेट पर बांधी गई भैंस का दूध निकाला। यह घटना पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ कर हार चुके यह नेता जी फिर से सपा के टिकट पर चुनाव लडऩे की जुगत में है। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बाद सभी राजनीतिक दलों के नेता जनता तक पहुंचने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सत्ताधारी पार्टी के नेता जहां जनता के बीच जाकर सरकार की उपलब्धियों को गिना रहे हैं वहीं विपक्षी दल के नेता सुर्खियों में बने रहने के लिए कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने दे रहे हैं। मंगलवार को ऐसा ही एक नजारा किसानों के धरना स्थल पर देखने को मिला। यहां एक राजनीतिक दल के नेता द्वारा भैंस का दूध दुहने का मामला चर्चा में बना हुआ है।
बता दें कि नोएडा क्षेत्र के किसान पिछले करीब तीन माह से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। शासन प्रशासन और प्राधिकरण अधिकारियों की हठधर्मिता से आजिज किसान अब प्राधिकरण कार्यालय के स्वागत कक्ष के बाहर गाय-भैंसों को बांधकर विरोध जता रहे हैं। मंगलवार को किसानों के धरने में एक सपा नेता अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। धरना स्थल पर कुछ देर किसानों के बीच रहने के बाद उन्होंने धरना स्थल पर बंधी एक भैंस का दूध दुहना शुरू कर दिया। यह रोचक प्रसंग यहीं समाप्त नहीं हुआ। पार्टी के मीडिया प्रभारी ने बकायदा दूध दुहने की प्रेस रिली? तैयार कर मीडिया ग्रुपों पर शेयर कर दी। बताया जाता है कि उक्त नेता जी ने दूध दुहने की यह प्रक्रिया केवल यह जताने के लिए की कि वह भी ग्रामीण परिवेश से हैं और पूरी तरह से किसानों के साथ है। शहरी परिवेश में पले बड़े होने के कारण नेताजी को दूध दुहते समय डर भी लग रहा था लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव सर पर हैं और वह भी टिकट के प्रबल दावेदार हैं इसलिए उन्होंने डर को हावी नहीं होने दिया। वहीं उनकी ही पार्टी के कुछ लोग उनके दूध दुहने का कारण केवल उनका चर्चा में बने रहने को बता रहे हैं। बरहाल नेता जी द्वारा भैंस का दूध दुहने के कुछ भी मायने निकाले जाएं लेकिन यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।