युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में आज संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस, गाजीपुर बॉर्डर, यूपी बॉर्डर पर जाम लगाया हुआ है। किसानों ने मुख्य मार्गों पर ट्रेक्टर ट्रॉली अड़ाकर मार्गों को बंद कर दिया। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों को रोकने के लिए सुबह छह बजे से ही बेरिकेटिंग लगा दी गई और वहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर दुहाई के किसानों ने सुबह नौ बजे अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर जाम लगा दिया। सप्ताह का पहला दिन होने के कारण एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का लंबा जाम लग गया। हालांकि, भारत बंद को देखते हुए पुलिस ने पहले ही ट्रैफिक को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी थी। लेकिन सुबह के समय बड़ी संख्या में वाहन प्रदर्शन वाले प्वॉइंट पर पहुंच गए जिसकी वजह से वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने वाहनों को बैक कर डायवर्ट रूट से निकालना शुरू कर दिया। लेकिन फिर भी दिन भर वाहनों की कतारें एक्सप्रेस-वे पर लगी रहीं। दुहाई से किसान भोपाल सिंह, टीनू, धर्मपाल, ब्रहमपाल सिंह, कृष्णपाल, सुंदर चौधरी व नीटू आदि शामिल हुए। वहीं कुंडली-मानेसर टोल पर भिक्कनपुर गांव के किसान धरना देकर बैठ गए। टोल प्लाजा के पास किसान धरने पर बैठे रहे। किसानों ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहा है लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। वहीं दिल्ली-हापुड़ रोड पर सदरपुर के किसानों ने मोर्चा के आहवान पर सीबीआई अकादमी रोड पर जाम लगा दिया। करीब साढ़े ११ बजे बड़ी संख्या में किसानों ने रोड पर पहुंचकर दोनों रोड पर जाम लगा दिया। किसानों के रोड पर पहुंचते ही तत्काल ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया। रूट डायवर्ट होने के कारण सबवे रोड और हापुड़ चुंगी चौराहे पर वाहनों का लंबा जाम लग गया। किसान नेता चौधरी राजवीर सिंह ने बताया कि सरकार किसानों पर जबरदस्ती यह कृषि कानून लादना चाहती है जिसे किसान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। किसानों ने कहा कि अभी दस महीने आंदोलन चलते हुए हने गए लेकिन अगर फिर भी उनकी बात नहीं मानी गई तो आगे भी आंदोलन निरंतर चलता रहेगा लेकिन किसान अपनी मांगें पूरी हुए बिना वापस नहीं लौटेगा। यहां किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी एसीएम थर्ड प्रवर्धन सिंह को सौंपा। इस दौरान चौधरी बॉस डबास, चौधरी डब्बू प्रधान, चौधरी राजेंद्र व सुरदीप शर्मा आदि किसान मौजूद रहे। सिद्घार्थ विहार फ्लाईओवर पर भाकियू किसान सेना ने जल निगम रोड रेडलाइट पर जाम लगा दिया। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा और कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अवनीत पवार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केशव चौधरी, गौरव यादव, योगेश शर्मा आदि मौजूद रहे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए जगह-जगह एक्सप्रेस- वे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। दिन भर पुलिस जाम को हटवाने में मशक्कत करती दिखी। मुख्य मार्गों पर दिन भर वाहनों की कतारें लगी रहीं। मोर्चा ने भारत बंद का ऐलान किया था लेकिन शहर में इसका असर कहीं देखने को नहीं मिला। शहर में सामान्य दिन की तरह ही बाजार, प्रतिष्ठान आदि खुले रहे। बंद का असर एक्सप्रेस-वे पर जरूर देखने को मिला जहां दिन भर वाहन जाम से जूझते नजर आए।
कई राज्यों में ट्रेन संचालन में असर
वहीं भारत बंद का देश के कई राज्यों में असर देखने को मिला। पंजाब और हरियाणा में रेल रोकी गई। तमिलनाडू, तेलंगाना, बिहार, पश्चिम बंगाल में भी कई स्थानों पर टे्रनों को रोका गया। हरियाणा में बंद का असर देखने को मिला। पंजाब के कई शहरों में किसानों ने कई टे्रनों को रोक दिया। किसानों के बंद भारत के चलते रेलवे ने लगभग 18 से अधिक ट्रेनों को रद्द किया गया है। फिरोजपुर से लुधियाना, जालंधर, भटिंडा और अमृतसर से पठानकोट-जालंधर जाने वाली ट्रेनों को रद्द किया गया है। इसके अलावा अमृतसर से फाजिल्का को जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। उत्तर रेलवे ने जानकारी देते हुए कहा है कि दिल्ली, अंबाला और फिरोजपुर मंडलों में रेल परिचालन प्रभावित है क्योंकि किसान रेल की पटरियों पर बैठे हैं। अंबाला और फिरोजपुर मंडल में करीब 25 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।
कृषि मंत्री तो रट्टू हैं: राकेश टिकैत
गाजियाबाद। किसानों के भारत बंद को देखते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज फिर से किसानों को बातचीत की पेशकश की है। इस पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि मंत्री तो वो रट्टू हैं, जैसे बचपन में पढ़ाया गया था। जो पढ़ लिया उतना ही बोलेगा उससे ज्यादा बोलेगा ही नहीं। उन्हें जो कहा जाता है, वे वहीं बातें कहते हैं। टिकैत ने कहा कि अगर सरकार कानून में दस साल में सुधार करेगी तो ये आंदोलन 10 साल तक जारी रहेगा। हम वापस नहीं जाएंगे। किसानों ने आज गाजीपुर बॉर्डर पर एनएच-9, और एनएच-24 को जाम कर दिया है। राकेश टिकैत ने कहा कि किसी के विचार को आप विचार से ही बदल सकते हो बंदूक की ताकत से आप विचार नहीं बदल सकते।
पुलिस प्रशासन ने किया रूट डायवर्ट
गाजियाबाद। भारतीय किसान मोर्चा के आह्वान पर आज किये गये भारत बंद के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन ने जहां रूट डायवर्जन कर कई राष्ट्रीय राजमार्गों सहित आधा दर्जन से अधिक मार्गों के ट्रैफिक के रूट में परिवर्तन कर दिया वहीं किसी भी अनहोनी से निपटने के लिये पुलिस पूरी तरह से अलर्ट दिखाई दी। एसपी ट्रैफिक रामानन्द कुशवाहा ने बताया कि भारत बंद की घोषणा को देखते हुए पुलिस ने हापुड़ व गाजियाबाद से पैरीफेरल मार्ग पर चढऩे वाले वाहनों को दूसरे मार्गों पर डायवर्ट करवाकर उनके गंतव्यों की ओर भेजा गया। नोयडा की ओर से आने वाले वाहनों को एनएच-९ व मेरठ एक्सप्रेस-वे से उनके गंतव्यों की ओर रवाना किया गया। वहीं दुहाई से पेरीफेरल मार्ग पर चढऩे वाले वाहनों को दूसरे मार्गों से रवाना किया गया। पुराने बस अड्डे की तरफ से हापुड़ की ओर जाने वाले वाहनों को जहां वाया आरडीसी, हिंट चौराहा, एल्ट सेंटर, बिजली घर व एनडीआरएफ होते हुए हापुड़ की ओर भेजा गया वहीं हापुड़ की ओर से आने वाले वाहनों को वाया गोविंदपुरम, शास्त्रीनगर, रामलीला मैदान और पुराने बस अड्डे की ओर से भेजा गया। श्री कुशवाहा ने बताया कि इसी प्रकार से लोनी, गाजियाबाद व मेरठ की ओर से दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहनों को भी दूसरे मार्गों से उनके गंतव्यों की ओर भेजा गया। उधर, भारत बंद के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी ना हो, इसके मद्देनज़र पुलिस को जहां पूरी तरह से अलर्ट रखा गया।