युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद बसपा अध्यक्ष मायावती अब 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। इसके लिए सबसे पहले पार्टी की पुरानी टीम को वापस लाने और फिर से उसे सक्रिय करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। हर जिलाध्यक्ष को निर्देश दिए गए है कि जो भी पुराने कार्यकर्ता पार्टी छोडक़र चले गए हैं, उन्हें फिर से वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाए। मायावती ने नए सिरे से भाईचार कमेटियों का गठन करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही विधानसभा वार कमेटियों का गठन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा है। उन्होंने हर जिले में 11 सदस्यीय बसपा वॉलिंटियर्स फोर्स की समिति का गठन करने के निर्देश दिए हैं। मायावती की ओर से सभी जिलाध्यक्षों को 28 अप्रैल तक समिति का गठन कर नामों की सूची भेजने को कहा गया है।
दरअसल, विधानसभा चुनाव में बसपा के कोर वोट बैंक के खिसकने से मायावती के कान खड़े हो गए। विधानसभा चुनाव में बसपा का भारी संख्या में वोटर्स टूटे। इनमें से ज्यादातर वोट भाजपा को मिले। अब आगे और वोटर्स न खिसके इसके लिए मायावतीन ने पार्टी इकाइयों को मजबूत करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए सबसे पहले बीवीएफ को सक्रिय करने का फैसला लिया है। बसपा सूत्रों का कहना है कि प्रत्येक जिले में बीवीएफ में एक संयोजक और 10 सहसंयोजक बनाए जाएंगे। 11 सदस्यीय इस टीम से मुख्य संगठन में जिलाध्यक्ष, विधानसभा सचिव या अन्य पदाधिकारी भी चुनने को प्राथमिकता दी जाएगी। यही समिति कॉडर कैपों की मॉनिटरिंग भी करेगी।
बसपा ने हाल ही में जोन स्तर की व्यवस्था को समाप्त करते हुए सीधे मंडल प्रभारी नियुक्त किए हैं। इस बीच बसपा की राष्टï्रीय अध्यक्ष मायावती ने गौतमबुद्ध नगर के तीन बड़े नेताओं को पार्टी से निष्काषित कर दिया है। इनमें दादरी से दो बार विधायक रहे सतवीर गुर्जर, पूर्व जिला पंचायत चेयरमैन वीरेंद्र डाढ़ा व जेवर विधानसभा से बसपा के टिकट पर इसी बार चुनाव लड़े नरेंद्र भाटी डाढ़ा शामिल हैं। तीनों पर अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियां में शामिल होने का आरोप लगा।