युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का अंतिम पड़ाव श्रीनगर में 26 जनवरी को होगा। भारत जोड़ो यात्रा के पहले चरण के समापन के साथ ही कांग्रेस में इसके एक्सटेंशन के तौर पर ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान शुरू कर दिया जाएगा। हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की पदयात्रा राज्य, शहर, गांव एवं बलॉक स्तर पर आयोजित होगी। इस दौरान कांग्रेस के नेता सांसद राहुल गांधी द्वारा जनता के नाम लिखा गया पत्र लेकर घर-घर पहुंचेंगे। जनता को मोदी सरकार की विफलताओं की एक चार्टशीट भी प्रेषित की जाएगी, इसमें बताया जाएगा कि सरकार ने किस प्रकार से उन्हें चीट किया है। हाथ से हाथ जोड़ो अभियान 26 जनवरी से 26 मार्च तक आयोजित किया जाएगा।
26 जनवरी को जनता में लॉन्च किए जाने वाले राहुल गांधी के पत्र में लिखा है कि वह यह पत्र जनता को 35,00 किलोमीटर की ऐतिहासिक भारत जोड़ो यात्रा को पूरा करने के बाद लिख रहे हैं। कन्याकुमारी से कश्मीर तक की इस पदयात्रा में हमारे साथ करोड़ों भारतीयों ने हिस्सा लिया। राहुल गांधी लिखते हैं कि यह मेरे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण यात्रा थी और इसमें सभी ने जो प्यार और स्नेह उन्हें दिया, उससे वे अभिभूत हैं। राहुल गांधी आगे लिखते हैं कि इस यात्रा के दौरान उन्होंने सबके विचार और परेशानियों को बहुत ध्यान से सुना। आज भारत गहरे आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, युवा बेरोजगार है और महंगाई आसमान छू रही है, किसान कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। देश की सारी संपत्ति उद्योगपतियों की जेब में है। आज भारत के लोगों को उनकी नौकरियां जाने का डर है, उनकी आय कम होती जा रही है और बेहतर भविष्य का सपना टूटता जा रहा है, देश में चारों ओर निराशा का माहौल है। आज हमारी विविधता खतरे में है, कुछ विभाजनकारी ताकतें हमारी विविधता को हमारे ही खिलाफ इस्तेमाल कर रही हैं। एक धर्म को दूसरे धर्म, एक जाति को दूसरी जाति, एक भाषा को दूसरी भाषा से और एक राज्य को दूसरे राज्य से लड़ाया जा रहा है। राहुल गांधी आगे लिखते हैं कि ये विभाजनकारी ताकतें जानती हैं कि लोगों के दिलों में असुरक्षा का डर पैदा करके ही वे समाज में नफरत का बीज बो सकते हैं। राहुल गांधी लिखते हैं कि इस यात्रा के बाद उन्हें पूरा विश्वास हो गया है कि नफरत की राजनीति की अपनी सीमाएं हैं और वो ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती। राहुल गांधी लिखते हैं कि वह सडक़ से लेकर संसद तक प्रतिदिन बुराईयों के साथ लड़ाई लड़ेंगे। मैं भारत को बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं जहां हर एक भारतीय के पास सामाजिक खुशहाली के साथ आर्थिक समृद्घि के समान अवसर हों। जहां किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिले। युवाओं को रोजगार मिले, छोटे और मध्यम वर्ग के उद्योगों को प्रोत्साहन मिले। डीजल और पेट्रोल सस्ता हो और रुपया डॉलर के सामने मजबूत हो, गैस सिलेंडर की कीमत 500 रुपये से अधिक ना हो। राहुल गांधी लिखते हैं कि हर भारतीय यह महसूस कर रहा है कि आपकी नफरत और झगड़े हमारे देश के विकास में बाधक हैं। मुझे इस बात का पूरा विश्वास है कि हम सब समाज में बुराई पैदा करने वाले जाति, धर्म, खेत्र और भाषा के मतभेद से उपर उठेंगे। हमारी महानता विविधता में एकता की हमारी पहचान है। मेरा आप सभी को यही संदेश है कि डरो मत, अपने दिलों से डर निकाल दो, नफरत अपने आप हमारे समाज से खत्म हो जाएगी। राहुल गांधी अपने पत्र में आगे लिखते हैं कि इस इस यात्रा ने मुझे सबके हक में लडऩे के लिए नई ताकत दी है, ये यात्रा मेरे लिए एक तपस्या थी। इस यात्रा ने मुझे सिखाया है कि मेरे व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन का लक्ष्य एक ही है, हक की लड़ाई में कमजोरो की ढाल बनना, जिसकी आवाज दबाई जा रही है, उसकी आवाज उठाना। मेरा सपना हमारे देश को अंधेरे से उजाले की ओर, नफरत से मोहब्बत की ओर और निराशा आशा की ओर ले जाना है। इस लक्ष्य को पाने के लिए भारत का एक महान संविधान देने वाले हमारे महापुरुषों के बताए हुए सिद्घांतों और मूल्यों को अपना आदर्श बनाकर आगे बढूंगा। कांग्रेस का परिवार पिछले 137 सालों से भारत की प्रगति के लिए समर्पित है। चाहे आजादी की लड़ाई हो, आजादी के बाद देश को एक सूत्र में पिरोना है, या फिर आजाद देश को सामाजिक, आर्थिक और वैज्ञानिक ऊंचाईयों पर ले जाना हो। कांग्रेस ने हर मुश्किल वक्त में भारत को जोडऩे का काम किया है। आज फिर से भारत एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। हमने एकता और भाईचारे का संदेश घर-घर तक ले जाने के लिए हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की शुरूआत की है। आप सभी इस अभियान का हिस्सा बनें और कांग्रेस के हाथ से हाथ जोडक़र एक ऐसे स्वर्णिम भारत का निर्माण में हमारा साथ दें, जहां हर भारतीय के पास सपने देखने और उन्हें पूरा करने के समान अवसर हों।