प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। नगर निगम और जिले के सभी नगर निकायों का कार्यकाल 23 जनवरी को समाप्त होने जा रहा है। इसके बाद यानि 24 जनवरी से इन सभी में प्रशासनिक व्यवस्था थोड़ी बदलने जा रही है। इसके लिए नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात की ओर से शासनादेश जारी किया गया है। शासनादेश में स्पष्टï कर दिया गया है कि 24 जनवरी के बार वित्तीय लेन देन कोई भी नगर निगम के नगर आयुक्त, नगर पालिका परिषद, नगर पालिका और नगर पंचायत विभाग के अधिशासी अधिकारी अपने स्तर से नहीं कर सकेंगे। इसके लिए एक तीन सदस्य कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया है। कमेटी ही वित्तीय निकासी के लिए पत्रावलियों पर नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारियों के साथ संयुक्त हस्ताक्षर करेंगे।
अभी तक नगर निगम में वित्तीय निकासी के लिए मेयर और नगर आयुक्त के संयुक्त हस्ताक्षर होते हैं। इसी तरह से किसी भी नगर पालिका परिषद, नगर पालिका और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी तथा चेयरमैन के संयुक्त हस्ताक्षर से ही वित्तीय निकासी होती थी। सभी नगर निकायों का कार्यकाल अब 23 जनवरी को समाप्त होने जा रहा है। इसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक त्रिस्तरीय समिति का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतों में संबंधित जनपद के अपर जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी, स्थानीय निकाय एवं अधिशासी अधिकारी की संयुक्त हस्ताक्षर से वित्तीय निकासी होगी। इसी तरह से नगर निगम में वित्तीय निकासी प्रशासनिक अधिकारी और नगर आयुक्त के संयुक्त अधिकारी से होगी।