युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद प्रदेश का पहला ऐसा सिटी बनने जा रहा है जहां रिसाइकल वॉटर को शोधित कर दुबारा यूज किया जाएगा। इसके लिए सिटी में प्रस्तावित पहला प्लांट बनाने के लिए मिट्टी की जांच का कार्य आज से शुरू हो गया। यह रिसाइकल यानि ट्रसरी प्लांट इंदिरापुरम कॉलोनी में डीपीएस के पास बनाया जाएगा। इसकी लागत करीब 239 करोड़ रुपये होगी। प्लांट को तैयार करने के लिए नगर निगम गाजियाबाद ने म्युनिसिपल बॉन्ड जारी कर 150 करोड़ रुपये मार्केट से जुटाए है। हालांकि नगर निगम के लिए यह एक महंगा सौदा है। निगम को इस पैसे का मोटा ब्याज भी देना पड़ रहा है। इसी के चलते नगर निगम तेजी के साथ इस प्लांट को तैयार करने की कोशिश में लगा है।
गत दिनों नगर निगम ने प्लांट बनाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। यह कार्य देश की नामी कंपनी वबाग लिमिटेड को गया है। यह कंपनी इंदिरापुरम स्थित सीवरट्रीटमेट प्लांट से शोधित निकलने वाले पानी को और साफ कर साइट चार इंडस्ट्री एरिया में सप्लाई करेगी। इससे हर वर्ष निगम को करीब तीस करोड़ रुपये की इनकम होगी। इसमें से कंपनी को उसके द्वारा लगाई गई पूंजी के अनुपात में शेयर दिया जाएगा। अगले पन्द्रह वर्षों तक कंपनी को प्लांट चलने के बाद से शेयर मिलेगा। इसी के चलते अब कंपनी ने प्लांट लगाने के लिए मिट्टी की जांच का कार्य शुरू कर दिया है। तीन वर्षों के अंदर प्लांट लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।