युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। नौ नवंबर, 1999 को पाकिस्तानी सैनिकों के कब्जे से कारगिल की चोटियों को मुक्त कराने में गाजियाबाद के वीर योद्घा कैप्टन गुरजिंदर सिंह सूरी वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनकी शहादत को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। तब से हर साल उनके शास्त्रीनगर स्थित आवास पर इस दिन शहीद महावीर चक्र विजेता की शहादत को याद किया जाता है। कैप्टन सूरी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आज सेना व आम नागरिक शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। 22 वर्ष पहले 9 नवंबर 1999 को करगिल युद्ध में दुश्मनों से लोहा लेकर गुरजिंदर सिंह सूरी ने देश को विजयश्री दिलाते हुए अपनी शहादत दी थी।
शास्त्री नगर स्थित कैप्टन गुरजिन्दर सिंह पार्क में आयोजित कार्यक्रम में 12 बिहार बटालियन की टीम और कैप्टन राहुल ने विशेष रूप से पहुंच कर शहीद को गार्ड ऑफ आनर पेश किया। शहीद के पिता कर्नल टीपी सिंह सूरी व माता सुरजीत कौर ने अपने बेटे की शहादत को याद करते हुए भावुक हो गए। केन्द्रीय मंत्री जनरल वी के सिंह के प्रतिनिधि कुलदीप चौहान, आर्डिनेंस से कैप्टन राजीव, ले. कर्नल अजय कुमार, मौलाना आज़ाद एजूकेशन फांउडेशन के उपाध्यक्ष सरदार एस पी सिंह, आतंकवाद विरोधी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हरप्रीत सिंह जग्गी, गुरुद्वारा सिंह सभा के अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह टीटू, गुरुद्वारा जी ब्लॉक के अध्यक्ष रविन्दर सिंह जौली, शहीद कैप्टन देवेंद्र सिंह जस्स के पिता भूपेन्द्र सिंह जस्स ने भी शहीद की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर अपनी श्रद्घांजलि दी। इनके अलावा जि़ला सैनिक अधिकारी कमांडर ए के शर्मा, शहीद के चाचा के परिवार, सैनिक परिवार के अध्यक्ष एडवोकेट बी सी बंसल, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष पी सी गुप्ता, शास्त्री नगर जी ब्लॉक आरडब्लूए की समिति, पंजाबी एकता समिति के राकेश बाठला, कविनगर एच ब्लॉक एसोसिएशन की ओर से परमजीत सिंह पम्मी, प्रदीप सिंह ने भी श्रद्घासुमन अर्पित किए।
शहीद परिवार की ओर से आये सभी प्रमुख अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जनरल वी के सिंह आसाम में व्यस्त होने के कारण व महापौर आशा शर्मा बीमारी की वजह से कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। जनरल वीके सिंह की पुत्री मृणालिनी सिंह ने एक संदेश भी कर्नल टी पी सिंह सूरी को भेजा, जिसमें शहीद कैप्टन की बहादुरी का जिक्र किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में सरदार एस पी सिंह ने कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि देश की रक्षा के लिए शहादत देने वाले सभी सैनिकों को व उनके परिजनों को सदैव याद रखें। किसी न किसी रूप में उनसे समाज के लिए प्रेरणा लेते रहें। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट बी सी बंसल व एस पी सिंह ने किया।