गाजियाबाद (युग करवट)। उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट ने हजारों लोगों के अरमान ठंडे कर दिए। अब सबकी नजर उच्च अदालत के अगले कदम पर है। लोग मानने लगे हैं कि अब नगर निगम और नगर पालिका चुनाव लंबे समय के लिए टल जाएगा।
स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में लगातार दो दिन तक सुनवाई हुई। अब हाईकोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया पर 20 दिसंबर तक रोक लगा दी है। इसके अगले दिन से हाईकोर्ट में शीतकालीन अवकाश हो जाएगा। उसके बाद कोर्ट जनवरी में खुलेगी। अब यदि अवकाश के दौरान अदालत इस मामले में सुनवाई नहीं करेगी तो कार्रवाई जनवरी तक टल जाएगी। उधर जैसे ही चुनाव प्रक्रिया पर अदालत की रोक की खबर लोगों को मिली तो राजनीतिक दलों में मायूसी फैल गई। कल तक राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर टिकट के लिए आवेदन करने वालों का मेला लगा रहता है। अब वहां खामोशी पसर चुकी है।
इसका सबसे अधिक असर भाजपा पर पड़ा है, क्योंकि भाजपा में ही सबसे ज्यादा दावेदार थे। भाजपा के महानगर कार्यालय पर बहुत दिन बाद इतनी खामोशी देखी गई। प्रदेश स्तर से भी निर्देश आ चुके हैं कि चुनावी प्रक्रिया को ब्रेक दे दिया जाए। चुनाव लडऩे की तैयार कर चुके बहुत से लोग होर्डिगं आदि लगा चुके थे।
टिकट की आस में बड़े नेताओं की परिक्रमा का दौर शुरू हो चुका था। अब सब कुछ थम चुका है। चुनाव लडऩे की आस रखने वाले लोग समझ ही नहीं पा रहे हैं कि अब क्या करें तो क्या करें। अगर किसी वजह से जनवरी में चुनाव नहीं हुए तो फिर इसमें लंबा समय लग सकता है। इसका कारण फरवरी-मार्च में होने वाली परीक्षा है। क्योंकि परीक्षा के समय चुनाव नहीं कराए जाते।