युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। सेंट्रल इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड (सीईएल) की करीब 1500 करोड़ की परिसंपत्तियों को केंद्र सरकार द्वारा कोडिय़ों के भाव बेचने की तैयारी का मामला सामने आया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र त्यागी ने गुरूवार को एक प्रेसवार्ता कर इसका खुलासा किया है। उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रकरण की जांच करने और लाभ कमाने वाली इस कंपनी को विनिवेश के दायरे से बाहर करने की मांग की है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने बताया कि साहिबाबाद के साईट चार इंडस्ट्री एरिया में स्थित सीईएल कंपनी की कुल परिसंपत्तियां करीब दो हजार करोड़ रुपये की है। हर वर्ष कई सौ करोड़ रुपये का लाभ कमाने वाली इस कंपनी को बेचने की तैयारी चल रही है। इस कंपनी से 1000 से अधिक कर्मचारी जुड़े है। कंपनी सौर ऊर्जा एवं रक्षा, रेलवे क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित करने वाली कंपनी हर वर्ष लाभ कमाती है। कंपनी के पास भी करीब 1500 करोड़ रुपये के ऑर्डर है। इससे भी वह भविष्य में लाभ कमाएगी।
कंपनी की अपनी जमीन करीब 50 एकड़ है। जमीन की कीमत और उस पर निर्मित बिल्डिंग के हिसाब से ही इसका न्यूनतम मूल्य कम से कम एक हजार रुपये निर्धारित होना चाहिए था। मगर इस कंपनी को केंद्र सरकार में बैठे कुछ गलत अधिकारियों के कारण कंपनी को कौडियों के भाव बेचने की तैयारी है। उन्होंने इसका खुलासा किया। देश की नामी इस कंपनी की परिसंपत्तियों को बेचने के लिए केंद्र सरकारने केवल 194 करोड़ रुपये प्राइज फिक्स किया। नियम है किजब किसी परिसंंपत्ती का निस्तारण किया जाता है तो उसमें कम से कम तीन कंपनियां टेंडर में शामिल होनी चाहिए। मगर केवल दो कंपनियों ने ही टेंडर में हिस्सा लिया। इनमें नंदलाल फाइनेंस एंड लेसिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 210 करोड़ 60 हजार रुपये की बोली लगाई। जेपीएम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की बोली 190 करोड़ रूपये की आई है। जबकि कंपनी की जमीन की कीमत ही करीब 440 करोड़ है। बिल्डिंग की कीमत 34 करोड़, पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का टर्न-ओवर 296 करोड़ रहा है। इसी लिए सीईएल की विक्रय प्रक्रिया की गंभीर त्रुटि के कारण कंपनी को 210 करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी है। जिस एनसीएफसी कंपनी को इसे बेचा जा रहा है उसे किसी भी तरह का अनुभव इस कंपनी को चलाने का नहीं है। आरोप है कि एनसीएफसी एक कमरे में चलने वाली कंपनी है। इस कंपनी के 99.96 प्रतिशत शेयर मैसर्स पीएफआई प्रा. के पास है। पत्र की प्रतिलिपि सीएम योगी आदित्यनाथ, वित्त मंत्री निर्मला सीमारमण, केंद्रीय सड़क़ परिवहन मंत्री नितिन जयराम गडकरी, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, तुहिन कांत पांडेय, सचिव डीएसआईआर और महानिदेशक डॉ. शेखर, निति आयोग नीति आयोग उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, मंडलायुक्त और यूपी के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। प्रैसवार्ता में पार्षद राजेंद्र त्यागी के अलावा कर्नल तेजेंद्रपाल त्यागी, केके त्यागी, आशाराम त्यागी, वरिष्ठ पत्रकार राकेश पाराशर, पार्षद हिमांशु मित्तल, वीरेंद्र सारस्वत, भपेंद्र सिंह चित्तोडिय़ा आदि मौजूद रहे।