प्रमुख संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। १५ वें वित्त आयोग की आज प्रस्तावित जिस बैठक के लिए नगर निगम पिछले कई दिनों से तैयारी में लगा था वह टल गई है। नगर निगम ने इसी बैठक को लेकर अपनी जवाब देही को देखते हुए करीब 29 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर को कैंसल कर दिया था। बैठक टलने के पीछे मेयर आशा शर्मा के अभी पूरी तरह से स्वस्थ्य नहीं होना एक कारण बताया जा रहा है। दरअसल निगम को पिछले वित्त वर्ष में 15 वें वित्त आयोग निधि से निर्माण कार्य के लिए करीब 121 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। नगर निगम के निर्माण विभाग ने इस पैसे के सापेक्ष करीब 150 करोड़ रुपये के टेंडर छोड़ दिए। यानि जो पैसा नगर निगम को मिला था उससे भी करीब 29 करोड़ रुपये के अधिक के टेंडर छोड़े गए। इसी को लेकर नगर निगम का निर्माण विभाग निशाने पर आ गया था।

इस प्रकरण को लेकर एक शिकायत भी नगर निगम को दी गई थी। इसी शिकायत को देखते हुए नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने नगर निगम के निर्माण विभाग को जिन विकास कार्यों के टेंडर छोड़े गए है उनकी समीक्षा करने को कहा था।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी का कहना है कि कई दिनों तक जोनवार छोड़े गए टेंडरों को लेकर समीक्षा की गई है। इसी समीक्षा के दौरान पाया गया कि करीब 29 करोड़ रुपये के ऐसे कार्य है जिनके टेंडर छोड़े गए। मगर इनका कार्य ठेकेदार की ओर से प्रारंभ नहीं किया गया था। ऐसे में नगर निगम के निर्माण विभाग ने 29 करोड़ रुपये के विकास कार्य के टेंडर कैंसल कर दिए।