घरों से लेकर पटरी तक तैनात रहा सुरक्षा बल
युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। आज भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से पे्रसिडेंशियल ट्रेन रवाना हुई। ट्रेन की रवानगी को लेकर चप्पे-चप्पे पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया। गाजियाबाद जोन में प्रशासन और पुलिस के अधिकारी जगह-जगह पटरियों पर सुरक्षा की कमान संभाले हुए थे। आबादी के बीच से गुजरने वाली रेलवे लाइन के दोनों और फोर्स तैनात की गई थी। यहां तक कि लाइनों की ओर जो घर बने हुए थे, उनकी छतों पर भी पुलिस के जवान मौजूद थे। लोगों को घरों से बाहर झांकने से लेकर छतों पर चढऩे तक की मनाही थी।
राष्ट्रपति दो दिवसीय दौरे पर कानपुर रवाना हुए हैं। प्रेसिडेंशियल ट्रेन सुबह १२ बजकर ४५ मिनट पर दिल्ली के सफरदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। दोपहर १२.५५ पर राष्टï्रपति की ट्रेन से पहले पायलट इंजन गुजरा, उसके उपरांत १ बजकर १२ मिनट पर राष्ट्रपति अपनी प्रेसिडेंशियल ट्रेन से गाजिबाद से गुजरे। ट्रेन के गुजरने के दौरान सभी अधिकारियों की सांसें अटकी रहीं। उसके उपरांत १ बजकर २३ मिनट पर बैकअप ट्रेन गुजरी। गाजियाबाद की सीमा से प्रेसिडेंशियल ट्रेन गुजरने पर सुरक्षा में लगे अफसरों ने राहत की सांस दी। ट्रेन गाजियाबाद से होते हुए अलीगढ़, टूंडला, फिरोजाबाद, हरात होते हुए कानपुर पहुंचेगी। ट्रेन की रवानगी को लेकर दिल्ली से लेकर कानपुर तक रेलवे लाइन के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल के जवान तैनात रहे। करीब एक हजार सुरक्षा जवान गाजियाबाद रेलवे स्टेशन सहित दिल्ली जोन में तैनात थे। इसके अलावा बम निरोधक दस्ता, आपातकाल स्थिति से निबटने के लिए विशेष सुरक्षा बल, गाडिय़ां, एंबलुेंस तक स्टेशन पर तैनात की गई थी।
इसके अलावा अर्थला, कैलाभट्टा, हिंडन पुल, गौशाला फाटक, कोटगांव फाटक, चिपियाना फाटक सहित अन्य सभी फाटकों पर सुरक्षा की कमान प्रशासन के अधिकारियों ने संभाल रखी थी। एडीएम सिटी, एडीएम प्रशासन, एडीएम फाइनेंस, एडीएम एल, एसडीएम सदर सहित सभी एसीएम रेलवे लाइनों पर सुरक्षा की कमान संभाले हुए थे। ट्रेन शेड्यूल को देखते हुए सुबह आठ बजे से ही स्टेशन पर आम लोगों की आवाजाही को बंद कर दिया गया था। ट्रेन रनथ्रू लाइन से होकर गुजरी थी जो प्लेटफॉर्म नंबर तीन-चार के बीच से होकर गुजरती है। प्रेसिडेंशियल ट्रेन के समय पर किसी अन्य ट्रेन की रवानगी को रोका गया था। स्टेशन के अंदर से लेकर बाहर तक सिर्फ सुरक्षा बल और अधिकारियों का ही जमावड़ा नजर आ रहा था। बता दें कि १५ वर्ष बाद किसी निवर्तमान राष्टï्रपति ने ट्रेन यात्रा की है। अंतिम बार वर्ष २००६ में तत्कालीन राष्टï्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने ट्रेन में सफर किया था। वह भारतीय सैन्य अकादमी के कैडेट की पासिंग आउड परेड के लिए स्पेशन ट्रेन से देहरादून पहुंचे थे। डेढ़ दशक बाद राष्टï्रपति रामकोविंद ट्रेन यात्रा कर रहे हैं। यह ट्रेन प्रेसिडेंशियन ट्रेन कानपुर देहात के झिंझक और रूरा में रूकेगी। सुरक्षा व्यवस्था में बम निरोधक दस्ता, फायर ब्रिगेड, सीआरपीएफ, एनएसजी कमांडो और स्थानीय पुलिस फोर्स तैनात की गई है। इस ट्रेन यात्रा के दौरान रेलवे ट्रैक के दोनों ओर जानवरों पर भी निगरानी रखी गई। दिल्ली से कानपुर के बीच पडऩे वाले रेलवे फाटकों पर भी विशेष नजर रखी गई ताकि लोग ट्रेन के पास जाने की कोशिश ना करें। ट्रेन के सही सलामत गाजियाबाद से निकलने पर सभी ने राहत की सांस ली। इस दौरान जीआरपी, आरपीएफ के अलावा प्रशासन के आला अधिकारी भी स्टेशन पर मौजूद रहे।

घरों की छतों पर भी तैनात रहे पुलिसकर्मी
शुक्रवार को गाजियाबाद से प्रेसीडेंशियल ट्रेन गुजरी। इस दौरान रेलवे लाइनों पर जहां विशेष सुरक्षा लगाई गई थी। वहीं जहां-जहां आबादी के बीच से रेलवे लाइन गुजर रही थी। उन घरों के दरवाजों से लेकर छतों पर पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। यहंा तक कि स्थानीय लोगों को सख्त ताकीद दी गई थी कि वह ट्रेन के आने के समय से घरों से बाहर नहीं निकलेंगे। यहां तक कि लोगों को ट्रेन तक देखने की मनाही थी। कोटगांव फाटक के पास कुछ लोग स्पेशल ट्रेन देखने के लिए पहुंचे भी थे लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। स्टेशन के आसपास दुकानों को हटाया गया। विशेष कॉरीडोर तैयार किया गया जहां लाइनों के दोनों ओर पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान यात्रियों को भी दिक्कतां का सामना करना पड़ा। ट्रेन की रवानगी के समय यात्रियों को स्टेशन के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।