युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। गांवों को इंटरनेट की तकनीक से जोडऩे के लिए तेजी से काम चल रहा है। जिले के पंचायत भवनों को मिनी सचिवालय की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है ताकि ग्रामीण अपने छोटे से छोटे कामों के लिए शहरी क्षेत्रों का रूख ना करें और उनका कार्य वहीं आसानी से हो सके। इतना ही नहीं, सरकारी योजनाओं का लाभ भी ग्रामीणों को उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगा। इसके लिए १५६ ग्राम पंचायतों में जनसुविधा केंद्रों की स्थापना कर दी गई है। बाकी ग्राम पंचायतों में भी जनसुविधा केंद्रों का काम किया जा रहा है जहां पंचायत भवनों की हालत जर्जर है। उनका पुर्ननिर्माण कराया जा रहा है ताकि वहां पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
सीडीओ अस्मिता लाल ने बताया कि कुछ पंचायत भवन अभी पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हैं जिसकी वजह से जनसुविधा केंद्र स्थापित करने में दिक्कतें हो रही हैं। लेकिन जल्द ही भवन बनने के बाद जनसुविधा केंद्र भी शुरू कर दिए जाएंगे। इन जनसुविधा केंद्रों में आय, जाति, सुमंगला सहित विभिन्न योजनाओं के आवेदन फार्म भर सकेंगे। इसके अलावा ग्रामीणों के लिए कोई योजनाएं होंगी तो वह भी मिनी सचिवालय से जानकारी मिल सकेगी। इससे ग्रामीणों को बार-बार शहरी क्षेत्र में काम कराने के लिए विभागों में नहीं आना होगा। गांवों में इंटरनेट पहुंचने से इसका कई तरह से लाभ मिलेगा।