युग करवट ब्यूरो

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े आईपीओ का महीनों का इंतजार समाप्त हो चुका है। बोर्ड की बैठक के एक दिन बाद बुधवार को एलआईसी आईपीओ का आधिकारिक ऐलान हो गया। आईपीओ के अपडेटेड ड्राफ्ट को बाजार नियामक सेबी की मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार को एलआईसी बोर्ड की अहम बैठक हुई थी। बैठक में एलआईसी आईपीओ के प्राइस बैंड से लेकर लॉट साइज और रिजर्वेशन जैसी चीजों पर अंतिम मुहर लग गई थी। प्रेस कांफ्रेंस में बताया गया कि सरकारी बीमा कंपनी के इस मेगा आईपीओ के लिए 902 रुपये से 949 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। इस आईपीओ में एक लॉट में 15 शेयर होंगे। इसका मतलब हुआ कि अगर आप इस आईपीओ में पैसे लगाना चाहते हैं तो आपको कम से कम 15 शेयर खरीदने होंगे। इस तरह हर उस इन्वेस्टर को इस आईपीओ में हिस्सा पाने के लिए कम से कम 14,235 रुपये लगाने होंगे, जिन्हें किसी प्रकार का डिस्काउंट नहीं दिया गया है।
प्रेस कांफ्रेंस में डीआईपीएएम सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि एलआईसी अभी तक इन्वेस्टर रही है, लेकिन अब लोगों को इन्वेस्ट करने का मौका देने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस दिन का इंतजार हम लंबे समय से कर रहे थे। सरकार एलआईसी के आईपीओ के लिए प्रतिबद्ध है। एलआईसी को लिस्ट कराने का लक्ष्य दीर्घावधि में एलआईसी के शेयर होल्डर्स के लिए वैल्यूएशन क्रिएट करना है। ये एलआईसी आईपीओ का राइट साइज है, खासकर बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए।
अपने छोटे साइज (करीब 21000 करोड़ रुपये) के बावजूद ये भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। एलआईसी के चेयरमैन एमआर कुमार ने कहा कि एलआईसी ने जब देश में बीमा बेचना शुरू किया, वो एलआईसी 1.0 था। जब देश में बीमा मार्केट ओपन हुआ, एलआईसी ने खुद को बदला, टेक्नोलॉजी को बदला और कॉम्पटिशन को स्वीकार किया, वो एलआईसी 2.0 था। अब आईपीओ आने के बाद ये एलआईसी 3.0 होगा।