युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। बोर्ड में प्रस्ताव पास कराए बिना होर्डिंग लगाने का 15 वर्ष के लिए ठेका छोडऩे के मामले में निगम की टेंशन कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस मामले में नगर निगम को लीगल नोटिस जारी कर दिया गया है। इसकी पुष्टिï विधि विभाग के एक अधिकारी ने की है। उनका कहना है कि जल्दी ही नगर निगम इस मामले में अपना पक्ष हाईकोर्ट में पेश करेगा।
निगम इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए अधिवक्ताओं के एक पैनल से वार्ता कर रहा है। अधिवक्ताओं के पैनल से नगर निगम इस लिए सलाह ले रहा है ताकि हाईकोर्ट में नगर निगम को पक्ष मजबूती से किया जाए। दरअसल नगर निगम के खिलाफ पहले भी कई प्रकरण हाईकोर्ट गए है। मगर यह ऐसा पहला प्रकरण है जो नया है और जिस में निगम के कई अधिकारी तो जानबूझ कर चुप्पी साधे हुए है।
इस प्रकरण के कोर्ट में जाने के बाद पता चल जाएगा कि नगर निगम गलत है या फिर कोर्ट में केस लेकर जाने वाले नगर निगम के पार्षद हिमांशु मित्तल गलत है। पार्षद हिमांशु मित्तल ने हाल ही में हुई निगम बोर्ड की बैठक में भी इस प्रकरण को जोर शोर से उठाया था। बीजेपी के तेज तर्रार माने जाने वाले बीजेपी पार्षद दल नेता राजेन्द्र त्यागी इस कथित घोटाले पर सदन में भी चुप्पी साधे हुए थे और अब भी वह प्रतिक्रिया नहीं दे रहे है। इससे पता लगता है कि वह भी अब दबाव काम कर रहे हंै।
हाईकोर्ट में प्रकरण के जाने के बाद अब नगर निगम अपने बचाव के रास्ते तलाशने का कार्य कर रहा है। अब देखना है कि कोर्ट से फैसला निगम या पार्षद हिमांशु मित्तल किसके पक्ष और किसके खिलाफ जाएगा।