युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। निगम द्वारा होर्डिंग के ठेके को 15 वर्ष के लिए देने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। यह विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट में इस प्रकरण में दायर की गई रिट को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। बीजेपी पार्षद हिमांशु मित्तल ने इस प्रकरण में नगर निगम के खिलाफ रिट फाइल की है। कोर्ट में सुनवाई से पहले नगर निगम को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भी जारी कर दिया गया है। बीजेपी पार्षद हिमांशु मित्तल ने गत दिनों इस प्रकरण में प्रदेश के मुख्य मंत्री और अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा था। जिसमें आरोप लगाया था कि नगर निगम ने बिना बोर्ड में पास कराए एक कंपनी को होर्डिंग का 15 वर्ष के लिए ठेका छोड़ दिया। निगम अधिनियम के मुताबिक केवल 2 वर्ष के लिए ही होर्डिंग का ठेका छोड़ा जा सकता है। अधिनियम के खिलाफ जाकर 15 वर्ष के लिए ठेका छोडऩे के अलावा एक और भी निगम पर गंभीर आरोप है। आरोप है कि नगर निगम ने कंपनी को अनुबंध होने के बाद आठ महीने का समय अपने होर्डिंग लगाने के लिए दिया है। इसी को लेकर विवाद पैदा हो गया है। मित्तल ने बताया कि इस प्रकरण में जब प्रदेश सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो अब हाईकोर्ट में रिट फाइल की गई है। माना जा रहा है कि इस प्रकरण में जल्दी ही सुनवाई होगी। जिस तरह से यह विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है इसको लेकर निगम के अधिकारियों की टेंशन बढ़ गई है। हमेशा जो पार्षद घोटालों के मुद्दे उठाते रहे है। वह पार्षद राजेन्द्र त्यागी इस पर भी चुप्पी साधे रहे। लगता है कि उनके ऊपर भी कोई दबाव था। नहीं तो वह चुप बैठने वाले पार्षदों में नहीं है।