युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज में आज होटल लेवाना में आग लगने से दर्जनों लोग होटल में फंसे रह गए। होटल का आपातकालीन दरवाजा नहीं खुलने के कारण फायर ब्रिगेड की टीम को भी राहत कार्य में काफी परेशानी झेलनी पड़ी। होटल में आग लगने के कारण धुंआ भर गया, जिससे लोगों का दम घुटने लगा और पांच लोगों ने दम तोड़ दिया। होटल लेवाना में आग लगने की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम को फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए खिड़कियों के शीशों को तोडऩा पड़ा। होटल की खिड़कियों पर लोहे की पट्टियां लगी हुईं हैं। जिन्हें तोडक़र अंदर घुसने का रास्ता बनाया गया।
लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार ने बताया कि होटल में 30 कमरे हैं। हादसे के समय 18 कमरे बुक थे। कुछ लोगों ने हादसे से पहले होटल छोड़ा भी था। हमारे पास 30 से 35 लोगों के फंसे होने की सूचना थी। ज्यादातर को निकाल लिया गया है। रूम नंबर 204 में फंसे हुए शख्स को मोबाइल के जरिए ट्रेस किया गया। एसीपी पीयूष मोर्डिया भी मौके पर थे। उन्होंने बताया कि कमरा नंबर 214 में अभी भी गेस्ट फंसे थे। होटल के दूसरी और तीसरी मंजिल पर धुंआ बहुत ज्यादा था। वहां फायर फाइटर को पहुंचने में परेशानी हो रही थी। होटल लेवाना में सुबह करीब 7.30 बजे कमरों में धुआं भरने लगा। आठ बजे होटल स्टाफ को इसका पता चला। दमकल को सूचना देने के बाद स्टाफ बचाव में जुटा। होटल के आस पास मौजूद लोगों ने बताया कि कई लोग खुद ही खिड़कियां तोडक़र बाहर निकले। कई लोग हाथ में सामान लेकर बाहर आते दिखाई दिए। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को काफी गंभीरता से लिया और वो घायलों से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को उपचार करने का निर्देश दिया। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रिजेश पाठक ने भी पहले होटल का निरीक्षण किया और वहां पर बचाव कार्यों का जायजा लिया और अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना। ब्रिजेश पाठक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस स्तर पर भी लापरवाही सामने आएगी उसपर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं होटल मालिक राहुल पर भी कार्रवाई के संकेत दिये। सूत्रों ने बताया कि एलडीए द्वारा कई नोटिस होटल को दिये गये थे, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।