युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। हिंडन नदी तट को ऐतिहासिक स्थल घोषित करने की मांग को लेकर आज प्रशासन के माध्यम से एक ज्ञापन सरकार को भेजा गया। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 शहीद स्मारक समिति की ओर यह ज्ञापन भेजा गया।
समिति के अध्यक्ष राम आसरे शर्मा ने कहा कि भारत माता की गुलामी की जंजीरों को तोडऩे के लिए 1857 में पहली क्रांति हुई थी। गाजियाबाद के हिंडन नदी तट पर अंग्रेजों और क्रांतिकारियों के बीच भीषण लड़ाई हुई थी। आजादी के विगुल की शुरुआत हालांकि बैरकपुर छावनी से मंगल पांडे ने फौज में बगावत करके की थी। इसकी चिंगारी मेरठ एवं संपूर्ण भारत में फैली। 30 व 31 मई 1857 को हिंडन नदी तट गाजियाबाद पर जनपद की ग्रामीण जनता ने 30 व 31 मई को अपने प्राणों को देश के लिए न्यौछावर करते हुए अंग्रेजी फौज को हिंडन नदी को पार नहीं करने दिया था। आखिर अंग्रेजी फौज को वापस लौटना पड़ा। युद्ध में मारे गए कई अंग्रेजों की कब्रों की निशानी हिंडन विहार क्षेत्र में देखी जा सकती है। इस अवसर पर संस्था के मीडिया प्रभारी बीके शर्मा हनुमान, महंत कैलाश गिरी, संदीप त्यागी, देवाशीष ओझा, सचिन भारतीय, सुभाष त्यागी, देवदत्त त्यागी, चांद सिंह, जितेंद्र जिंदल, पीएन गर्ग, संतोष दीक्षित, चंद्रहास शर्मा आदि मौजूद थे।