युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। गाजिय़ाबाद- मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर पर बेगमपुल स्टेशन के निर्माण के लिए डायाफ्राम या डी वॉल का कार्य प्रारम्भ हो गया है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत इस भूमिगत स्टेशन के चारो ओर 27 मीटर (9 मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर) और 5 मीटर चौड़े विशाल रीन्फ़ोरसमेन्ट केज को भूमिगत उतारा जा रहा है। जिसकी कंक्रीटिंग करके फिक्स किया जा रहा है। बेगमपुल स्टेशन का आकार 246 मीटर लंबा और 26 मीटर चौड़ा है। यहां सम्पूर्ण डी वॉल के निर्माण के लिए कुल 112 रीन्फ़ोरसमेन्ट केज के पैनल का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रकार स्टेशन के बाहरी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। स्टेशन का प्लैटफ़ार्म लेवल सतह से लगभग 20 मीटर गहरा होगा ।
डी वॉल भूमिगत हिस्से में स्टेशन निर्माण की प्रक्रिया में मिट्टी की खुदाई करते समय एक मजबूत ढाल या फ्रेम की तरह काम करता है। जिससे मिट्टी के गिरने की संभावना कम हो जाती है और साथ ही यह पानी के रिसाव को भी रोकता है।
आरआरटीएस के भूमिगत स्टेशन बेगमपुल का निर्माण टॉप- डाउन प्रणाली से किया जा रहा है। जिसमे निर्माण कार्य ऊपर से नीचे की तरफ किया जाता है। दोनों ओर की डी वॅाल (डायाफ्राम वाल) या बाहरी दीवार बनने के बाद छत के निर्माण के लिए पहले लगभग 1.5 मीटर मोटाई वाले अस्थायी स्टील कॉलम निर्धारित स्थानों पर गहरी खुदाई करके डाले जाते है। इसके बाद छत बनाई जाती है, जिसे अस्थायी स्टील कॉलम से सपोर्ट मिलता है और फिर ऊपरी छत बनने के बाद भूमिगत स्टेशन के लिए खुदाई करके मिट्टी निकाली जाती है।
बेगमपुल आरआरटीएस स्टेशन के लिए तीन तलों का निर्माण किया जा रहा हैं। इस स्टेशन का पहला तल मेजेनाइन होगा। इससे होकर यात्री अन्य दो तलों तक पहुचेंगे। गहरी खुदाई करके दूसरा तल का फ्लोर तैयार किया जाएगा जो कोंकोर्स तल होगा। इस तल पर यात्रियों को टिकट और सुरक्षा जांच के अलावा एटीएम, खान पान सेवाएं, शौचालय व अन्य यात्री केन्द्रित सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। यात्री एएफ़सी गेट से होकर तीसरे तल यानि प्लैटफ़ार्म पर पहुच सकेंगे। जिसका इस्तेमाल ट्रेन पर चढऩे और उतरने के लिए किया जाएगा।
बेगमपुल आरआरटीएस स्टेशन मेरठ का एकमात्र भूमिगत आरआरटीएस स्टेशन है जहां आरआरटीएस ट्रेनों के साथ- साथ लोकल ट्रांसिट की मेट्रो ट्रेने भी रुकेंगी। अन्य दो भूमिगत स्टेशनों- मेरठ सेंट्रल व भैंसाली केवल मेरठ की लोकल ट्रांसिट सेवा मिलेगी। इसलिए यह स्टेशन बाकी के दोनों भूमिगत स्टेशनों से आकार में बड़ा होगा।
मेरठ में आरआरटीएस कॉरीडोर मेरठ साउथ से आगे परतापुर, रीठानी, शताब्दी नगर, ब्रहमपुरी तक एलिवेटेड है। इसके बाद मेरठ सेंट्रल, भैंसाली व बेगमपुल में भूमिगत होने के बाद पुन: एलिवेटेड होकर एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम होते हुए मोदीपुरम डिपो पर समाप्त होता है। एनसीआरटीसी टीम द्वारा सभी निर्माण गतिविधियां कोविड एसओपी के अनुपालन में उचित सुरक्षा प्रोटोकॉल व कोविड के उचित व्यवहार का पालन करते हुए की जा रही हैं।