युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। ‘बूथ पर क्या चल रहा है, तुम लोग हवा में न रहो, भाजपा वाले बूथ पे काम कर रहे हैं, बूथ को मजबूत करो, हर मंडल पर रैली करिएÓ, नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव लंबे समय के बाद एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। बीते दिनों मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के कार्यालय पहुंचे और कई पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले।
बीमारी की वजह से लंबे समय से मुलायम सिंह यादव राजनीति में सक्रिय नहीं थे, लेकिन ज्यों-ज्यों उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख करीब आती जा रही है, त्यों-त्यों नेताजी फिर सक्रिय होते जा रहे हैं।
मुलायम सिंह यादव से बीते दिनों करीब दो दर्जन सपा कार्यकर्ताओं ने मुलाकात की थी। इसमें से एक पार्टी कार्यकर्ता ने बताया कि नेताजी ने सबसे पहले हमसे अपने-अपने बूथ के बारे में पूछा। नेताजी ने कहा, ‘तुम लोग बूथ पर क्या कर रहे हो, बूथ को मजबूत करो, भाजपा वाले बूथों पर काम कर रहे हैं, हवा में मत रहना।Ó बूथ मैनेजमेंट का टिप्स देने के साथ ही मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मैं हर मंडलस्तर पर रैली को संबोधित करूंगा। नेताजी की पाठशाला करीब घंटेभर चलती रही। जाते-जाते नेताजी ने कहा कि मैं चुनाव में पूरी तरह से सक्रिय रहूंगा और पार्टी का हर कार्यकर्ता अपने बूथ को मजबूत करे। मुलायम सिंह यादव से मुलाकात करने वाले एक सपा कार्यकर्ता ने बताया कि नेताजी का पूरा फोकस इलेक्शन पर है, हालांकि बीमारी के कारण थोड़ी दिक्कत है, लेकिन अभी भी नेताजी को हर जिले की सीट, हर जिले के नेता और हर सीट का समीकरण मुंह जुबानी याद है, बात-बात में उन्होंने कई युवाओं को उनके सीट के समीकरण को भी समझा दिया।
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी का पूरा फोकस ओबीसी वोटरों पर है। केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर संगठन की नियुक्तियों में यह साफ दिखाई दे रहा है। उसकी कोशिश 2017 की तरह 2022 में भी ओबीसी वोटरों को अपने पाले में लाने की है। वह यादव वोटरों में भी सेंधमारी की कोशिश कर रही है।
ऐसे में यूपी में ओबीसी पॉलीटिक्स के सबसे बड़े चेहरे मुलायम सिंह यादव ही भाजपा के इस समीकरण को बिगाड़ सकते हैं। खुद सपा के नेता भी मानते हैं कि नेताजी के अनुभव की बदौलत सपा फिर से सत्ता में आ सकती है। सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन का कहना है कि राजनीति में सबसे महत्वपूर्ण चीज अनुभव है, और नेता जी से बेहतर अनुभव किसके पास है?