सुब्रत भट्टाचार्य
गाजियाबाद। लाइनपार क्षेत्र के विजयनगर में सरकारी अस्पताल का निर्माण अभी हवा में हो रहा है लेकिन इसके लिए भाजपा में ही इसके लिए श्रेय लेने का खेल शुरू हो गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि उनकी पहल पर प्रदेश सरकार की ओर से विजयनगर में पचास बेड के अस्पताल के लिए 19 करोड़ 70 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई गई। हालांकि अतुल गर्ग की ओर से यह नहीं बताया गया कि यह धनराशि अभी जारी हो गई है या नहीं। सिर्फ कहा गया कि स्वीकृत हुई है। यह अस्पताल लाइनपार क्षेत्र के डूंडाहेड़ा में बनाए जाने का प्रस्ताव है।
अब इस अस्पताल, जो फिलहाल सिर्फ धनस्वीकृत हो जाने की स्थिति में है, को लेकर भाजपा के भीतर ही श्रेय लेने का खेल शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर इस अस्पताल के लिए धनस्वीकृति होने को केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह की पहल का परिणाम बताया जा रहा है।
भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मयंक गोयल की ओर से सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट कर अस्पताल के लिए धन स्वीकृत होने पर वीके सिंह का आभार जताया गया है। जाहिर है कि विधानसभा चुनाव से ऐन पहले लाइनपार क्षेत्र के लाखों मतदाताओं को संदेश देने के लिए दोनों ओर से दावे-प्रतिदावे किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव प्राणेश चंद्र शुक्ल की ओर से प्रदेश के चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक को लिखे पत्र में इस बात का जिक्र नहीं है कि किस की पहल पर यह अस्पताल बन रहा है। वहीं, क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि लाइनपार क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए सरकारी अस्पताल बने, यह महत्वपूर्ण है। किसकी पहल पर बने या किसको इसका श्रेय जाएगा, यह महत्वपूर्ण नहीं है।
उनका कहना है कि लाइनपार क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय कर जिला एमएमजी अस्पताल जाना पड़ता है। पिछले कई वर्षों से यहां सरकारी अस्पताल की मांग की जा रही थी लेकिन सरकारी फाइलों में गुम हो जाने से अस्पताल नहीं बन पाया। अब जब धन स्वीकृत हो गया है तो उम्मीद करनी चाहिए कि डूंडाहेड़ा में जल्द अस्पताल का निर्माण शुरू हो जाएगा। विजयनगर में संयुक्त अस्पताल निर्माण को लेकर सभी बाधांए दूर हो चुकी है। अब बस निर्माण कार्य शुरू होने की देरी है। माना जा रहा है कि चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले अस्पताल निर्माण कार्य का शुभारंभ कर दिया जाएगा।
लाखों की आबादी वाले विजयनगर क्षेत्र में लंबे समय से अस्पताल की मांग की जा रही थी। लेकिन कभी जमीन न मिलनें तो कभी फाइलों के अटकने से अस्पताल को स्वीकृति नहीं मिल पा रही थी। इस संंबंध में स्थानीय निवासियों द्वारा स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग से भी अस्पताल का निर्माण कराने की मांग की गई थी। चूंकि अतुल गर्ग प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री है, लिहाजा प्रस्ताव को पास कराने में उनकी भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
अतुल गर्ग का कहना है कि उन्होंने ही मुख्यमंत्री से लाइनपार क्षेत्र के लाखों की आबादी के लिए सरकारी अस्पताल बनाने के प्रस्ताव पर विचार करने की गुजारिश की थी। जिसके बाद कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को पारित किया गया।
अब डूंडांहेड़ा विजय नगर में 50 बेड का संयुक्त अस्पताल को स्वीकृति मिल गयी है। चिकित्सालय के भवन निर्माण के लिए पीएफएडी की ओर से मूल्यांकित लागत 19 करोड़ 70 लाख रुपये प्रशासकीय स्वीकृत हो चुके है।