युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। यूपी और उत्तराखंड सरकार के बीच आज रोडवेज के कई सौ पैसेंजर्स बुरी तरह से फंस गए। दरअसल उत्तराखंड सरकार ने कोरोना संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट की पॉलिसी को लागू कर दिया है। इसका सबसे बड़ा असर सोमवार को दिखाई दिया। जो भी यात्री गाजियाबाद, दिल्ली से हरिद्वार, देहरादून गए वहां बॉर्डर पर ही रोडवेज की बसों को रोककर यात्रियों से निगेटिव आरटीपीसीआर मांगी जा रही है। रोडवेज के संचालन से जुड़े अधिकारी एके चौधरी का कहना है कि बस में गाजियाबाद और कौशांबी बोर्डर से उत्तराखंड जाने वाले पैसेंजर्स के लिए यह गाइड लाइन लागू की गई है। इस संबंध में रोडवेज मुख्यालय की ओर से किसी भी प्रकार के दिशा निर्देश नहीं दिए गए है। उन्होंने माना कि उत्तराखंड में प्रवेश के लिए वहां की टीम यात्रियों की आरटीपी सीआर की निगेटिव रिपोर्ट देख रही है। इससे रोडवेज के ऐसे यात्री जो दिल्ली हरिद्वार, या देहरादून आदि उत्तराखंड के शहरों जा रहे है उनके लिए परेशानी पैदा हो गई है।युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। यूपी और उत्तराखंड सरकार के बीच आज रोडवेज के कई सौ पैसेंजर्स बुरी तरह से फंस गए। दरअसल उत्तराखंड सरकार ने कोरोना संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट की पॉलिसी को लागू कर दिया है। इसका सबसे बड़ा असर सोमवार को दिखाई दिया। जो भी यात्री गाजियाबाद, दिल्ली से हरिद्वार, देहरादून गए वहां बॉर्डर पर ही रोडवेज की बसों को रोककर यात्रियों से निगेटिव आरटीपीसीआर मांगी जा रही है। रोडवेज के संचालन से जुड़े अधिकारी एके चौधरी का कहना है कि बस में गाजियाबाद और कौशांबी बोर्डर से उत्तराखंड जाने वाले पैसेंजर्स के लिए यह गाइड लाइन लागू की गई है। इस संबंध में रोडवेज मुख्यालय की ओर से किसी भी प्रकार के दिशा निर्देश नहीं दिए गए है। उन्होंने माना कि उत्तराखंड में प्रवेश के लिए वहां की टीम यात्रियों की आरटीपी सीआर की निगेटिव रिपोर्ट देख रही है। इससे रोडवेज के ऐसे यात्री जो दिल्ली हरिद्वार, या देहरादून आदि उत्तराखंड के शहरों जा रहे है उनके लिए परेशानी पैदा हो गई है।