गाजियाबाद (युग करवट)। तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं को प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा भेजे गए पत्र में संगठित गिरोह बताए जाने पर अधिवक्ताओं में रोष है। इसके विरोध में आज भी अधिवक्ता तहसील बार एसोसिएशन के बैनर तले सदर तहसील में हड़तार पर बैठे हुए हैं। आज तहसीलदार देवेन्द्र कुमार मिश्रा ने अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों की हड़ताल को अवैध बताया तो उस पर जोरदार विरोध दर्ज करते हुए अधिवक्ताओं ने उनका घेराव किया। समाचार लिखे जाने तक तहसील में अधिवक्ताओं एवं बैनामा लेखकों का विरोध जारी था। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि गौतमबुद्घनगर एवं गाजियाबाद के मुख्तयारनामों के पंजीकरण को अवैध रूप से विधि विरूद्घ बताते हुए रोक लगा दी गई है। हंगामे की सूचना के बाद एसीपी आलोक दुबे के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स तहसील पहुंच गई। हड़ताल के दौरान तहसील बार एसाोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा के नेतृत्व में सचिव विकास त्यागी, वीरेन्द्र कुमार कुशवाहा, लोकेश भाटी, शैलेन्द्र कुमार त्यागी, दिनेश अग्रवाल, सुरेश चंद, वेदपाल सिंह, मनीष कुमार, सुभाष त्यागी, विवेक, मंजू, पूजा, रीना, राकेश कुमार, हरीश चानना, उपेन्द्र त्याागी आदि अधिवक्ता एवं बैनामा लेखकों समेत धरनास्थल पर मौजूद रहे।