गलत जानकारी देने पर भडक़े डीएम
नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। हाल ही में जिले में एक हजार लडक़ों पर १००३ लड़कियां होने पर जिले के अधिकारियों को पूरे प्रदेश में वाहवाही मिली थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते जिले में फिर से लिंगानुपात गड़बड़ा रहा है। विभागीय आंकड़ों में एक हजार लडक़ों पर ९४६ लड़कियां हैं, जबकि नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में यह अनुपात १००३ तक पहुंच गया था।
डीएम आरके सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को प्रसव केन्द्रों और अल्ट्रासाउंड केन्द्रों की जांच में लापरवाही बरतने पर कड़ी फटकार लगाई है। विभाग दो साल में महज दो सेन्टरों के खिलाफ ही कार्रवाई कर पाया है, जबकि पिछले साल हरियाणा की स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अकेले जिले में ही २० से अधिक बार छापेमारी कर लिंग परीक्षण के मामले पकड़े हैं। लेकिन, जिले के स्वास्थ्य विभाग ने एक भी मामला नहीं पकड़ा है।
जिला स्वास्थ्य समिति में जो आंकड़ें रखे गए उनके अनुसार जिले में अप्रैल २०२२ में लिंगानुपात ९४५ है, जबकि बीते साल इसी महीने में यह अनुपात ९२३ था, वहीं नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-५, जो वर्ष २०२१ में हुआ था उसके अनुसार जिले में १००० लडक़ों के अनुपात में १००३ लड़कियां थी। इन आंकड़ों में आए इस अंतर को लेकर अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।