युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 का रिजल्ट घोषित कर दिया गया। देश में पांचवीं बार इंदौर स्वच्छता में पहले नंबर पर आया। जबकि गाजियाबाद देश में 18 वें स्थान और प्रदेश में दूसरे नंबर पर रहा। स्वच्छता के मामले में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार गाजियाबाद शहर की रैंक में सुधार हुआ है। पिछले वर्ष गाजियाबाद का प्रदेश में तीसरा नंबर और देश में 19वां नंबर था। इस बार गाजियाबाद नगर निगम को तलाबों की सफाई कराकर उसमें बरसात का करोड़ों ़लीटर पानी बचाने के मामले में एक अन्य संस्था की ओर से नगर को स्कोच अवार्ड कैटेग्री में सिल्वर अवार्ड से नवाजा गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 का रिजल्ट दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में घोषित किया गया। इस कार्यक्रम को अमृत महोत्सव नाम दिया गया। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उपस्थित रहे। सभी शहरों के नगर आयुक्त और मेयर को भी कार्यक्रम में बुलाया गया था। गाजियाबाद से नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर और मेयर आशा शर्मा ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
निगम को मिला स्कॉच अवार्ड
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में गाजियाबाद देश में 18 वें और यूपी में दूसरे नंबर पर रहा हो मगर बरसात के पानी की बचत करने के मामले में गाजियाबाद नगर निगम ने झंड़े गाड़ दिए। नगर निगम ने इस दौरान बरसात के पानी को रिवर्ज करने के लिए कई गांवों के एक दर्जन से अधिक तालाबों को साफ कराया। जिसमें कई करोड़ लीटर पानी की बचत की। पिछले दिनों देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गाजियाबाद में नगर निगम द्वारा तालाबों की सफाई कराकर बरसात के पानी बचाने के मामले में तारीफ की थी। एक संस्था ने नगर निगम को स्कोच अवार्ड कैटेग्री में नगर निगम को सिल्वर पुरस्कार से नवाजा। रैंकिंग सुधार पर मेयर ने खुशी जताई है।
-देश में सिटी 18 वें पायदान पर-शहरी विकास मंत्रालय की ओर से घोषित किए गए रिजल्ट के हिसाब से गाजियाबाद की रैंक में सुधार हुआ है। पिछले वर्ष यानि वर्ष 2020 स्वच्छ सर्वेक्षण में गाजियाबाद देश में 19 वें पायदान पर था। इस बार गाजियाबाद ने एक अंक का सुधार हुआ और वह देश में 18वें स्थान पर पहुंच गया।
-यूपी में दूसरे स्थान पर-स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में देश में एक पायदान और प्रदेश में भी सिटी की स्वच्छता रैंक में केवल एक प्वांइट का सुधार हुआ है। वर्ष 2020 में शहर की स्वच्छता रैंक प्रदेश में तीसरा स्थान मिला था। इस बार इसमें भी एक प्वाइंट का सुधार हुआ है। इस तरह से गाजियाबाद स्वच्छता की रैंक में प्रदेश में दूसरे नंबर पर आ गया है।
-कूड़े ने फेरा महनत पर पानी-कभी स्वच्छता के मामले में गाजियाबाद प्रदेश में पहले नंबर पर आया था। इसके बाद वर्ष 2019 में गाजियाबाद छठें, वर्ष 2020 में गाजियाबाद प्रदेश में तीसरे और अब यानि 2021 में स्वच्छ सर्वेक्षण के मामले में गाजियाबाद प्रदेश में दूसरे नंबर पर आया है। इस मामले में लखनऊ शहर पहले स्थान पर पहुंच गया है। अभी अधिकारी इस समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली कार्यक्रम में गए है। मगर माना जा रहा है कि करीब डेढ़ महीने तक शहर से कूड़ा नहीं उठने के कारण गाजियाबाद की स्वच्छता की रैंक का रिजल्ट बिगड़ गया है।
-गाजियाबाद को मिला अवार्ड-स्वच्छ सर्वेक्षण समारोह में भले की गाजियाबाद पहले स्थान पर न पहुंच सका हो मगर उसने समारोह में कई अवार्ड हासिल किए। दस लाख की आबादी की श्रेणी वाले शहर गाजियाबाद को उत्तर प्रदेश का फास्टेट मोवर शहर का अवार्ड दिया गया।
-क्लीनेस इंडिया केटेग्री में अवार्ड-यूपी के शहरों का भी स्वच्छता में इस बार अच्छा प्रदर्शन रहा। गाजियाबाद के रहने वाले वाराणसी के नगर आयुक्त प्रण्य कुमार की महनत भी रंग लाई। इंडिया में क्लीनेस के मामले में वाराणसी पहले नंबर पर रहा। इसके लिए राष्ट्रपति की ओर से नगर आयुक्त प्रणय कुमार ने अवार्ड हासिल किया। उनकी महनत के बूते पर वाराणसी ने नाम कमाया। इस केटेग्री में गाजियाबाद को यूपी में तीसरा स्थान मिला। इसके लिए नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने अवार्ड हासिल किया।
-क्या थे प्वाइंट-स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में कई तरह के मानक बनाए गए थे। इनमें तालाबों को साफ रखने, शौचालयों के निर्माण करने, प्लास्टिक प्रयोग प्रतिबंधित, शहरी में सफाई और कूड़ेदान की व्यवस्था प्वाइंट शामिल किए गए। इनके अलावा शहर के लोग स्वच्छता के मामले में क्या सोचते है इसका भी प्वाइंट रैंक में शामिल किया गया।