युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। कोरोना संकट के चलते श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी द्वारा दो दिन तक प्रतीकात्मक रूप से रामलीला का मंचन कराया गया। यह मंचन १४ व १५ अक्टूबर को शाम छह बजे से होगा। इस दौरान कोविड नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। कमेटी के अध्यक्ष वीरू बाबा ने बताया कि गत वर्ष भी रामलीला का मंचन नहीं किया गया था। लेकिन इस बार प्रतीकात्मक रूप से रामलीला मंचन कराया जा रहा है। इसके लिए मंच व भवन को भव्य रूप से सजाया गया है। कलाकार मंचन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। कमेटी के सभी पदाधिकारियों की सहमति से यह निर्णय लिया गया है कि मंचन का आयोजन दो दिन किया जाए। विजयादशमी वाले दिन शाम को रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा। लीला का मंचन गांधर्व विद्यालय के कलाकारों द्वारा किया जाएगा। कमेटी के संरक्षक व राज्यमंत्री अतुल गर्ग के प्रतिनिधि राजेंद्र मित्तल मेंदीवाले ने बताया कि ११२ सालों से यहां रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन कोविड को देखते हुए भव्य रूप में मंचन के बजाए प्रतीकात्मक रूप से मंचन किया जा रहा है। इस अवसर पर अशोक उस्ताद, उपाध्यक्ष संजीव मित्तल, कोषाध्यक्ष अनिल चौधरी, सदस्य कार्यकारिणी सुधीर गोयल, मोनू, मीडिया प्रभारी श्रीकांत राही, राकेश काका व मंत्री मीडिया प्रभारी नीरज गोयल आदि मौजूद रहे।