युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की गिनती को लेकर जारी संशय खत्म हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को होने वाली उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की मतगणना पर रोक लगाने या फिर आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए पंचायत चुनाव की मतगणना पर रोक की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव की मतगणना कराने की इजाजत दे दी है लेकिन जीत के बाद जश्न पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हमने राज्य चुनाव आयोग की ओर से रखी गई बातों को नोट किया। हम इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने की जरूरत नहीं समझते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो प्रोटोकॉल हमारे सामने रखा गया, उसका पूरी तरह पालन हो। मतगणना केंद्र के बाहर सख्त कफ्र्यू हो और कोई विजय रैली न निकाली जाए। हाथरस के ग्राम प्रधान कन्हैया लाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर के साथ जस्टिस हरीशकेश राव की बेंच ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खेनवलकर व जस्टिस हरीशकेश राव की बेंच ने सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि क्यों ना यूपी में पंचायत चुनाव की मतगणना को दो हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया जाए,तब तक हमारा मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर भी सुधरेगा और उम्मीद की जा सकती है कि तभी स्थिति सबसे ज्यादा बेहतर कंट्रोल में होगी। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि बहुत सोच समझकर मतगणना कराने का फैसला लिया गया है। कोविड गाइडलाइंस के अमल के साथ मतगणना को संपन्न कराया जाएगा। मतगणना रविवार को होनी है उस दिन उत्तर प्रदेश में कोरोना कफ्र्यू है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस दौरान हालात नहीं बिगड़ेंगे।