युग करवट संवाददता
नई दिल्ली। सीबीएसई १२वीं के रिजल्ट को लेकर क्या क्राइटेरिया अपनाया जाएगा, इसको लेकर जारी अटकलों पर विराम लग गया है। सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान १२वीं के छात्रों को पास करने के लिए ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया पेश किया। वहीं सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल ने बताया कि किस आधार पर १२वीं के छात्रों को पास किया जाएगा। अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि १०वीं कक्षा के लिए ५ विषय लिए गए हैं और तीन में से सर्वश्रेष्ठ का औसत निकाला गया है। कक्षा १२वीं के छात्रों के लिए प्रैक्टिकल होते हैं। १०वीं से ३० फीसदी, ११वीं से ३० फीसदी और १२वीं से ४० फीसदी अंक लेंगे और सभी का औसत निकाल कर १२वीं के छात्रों को पास किया जाएगा। सीबीएसई की ओर से कोर्ट में आधार रखा गया है जिसमें सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि १०वीं के ३ टॉप विषयों के आधार पर ३० फीसदी, ११वीं के आधार पर ३० फीसदी और १२वीं के यूनिट टेस्ट आदि के आधार पर ४० फीसदी नंबर देकर १२वीं के छात्रों को पास किया जाएगा। १२वीं के रिजल्ट की घोषणा ३१ जुलाई, २०२१ तक की जाएगी। बता दें कि सीबीएसई ने ४ जून, २०२१ को ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया तय करने के लिए १३ सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। १२वीं की मूल्यांकन नीति तय करने के लिए समिति को दस दिन का समय दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीएसई को ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया तय करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था जिसे लेकर आज सुनवाई हुई थी।