युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की केजरीवाल सरकार की मुसीबतें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सरकार की आबकारी नीति के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की है। दरअसल, आरोप हैं कि केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति के जरिए शराब लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट के बाद सीबीआई जांच की सिफारिश की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नई आबकारी नीति में नियमों की अनदेखी कर टेंडर दिए गए।
दिल्ली सरकार ने पिछले साल अपनी नई आबकारी नीति लागू की थी, जिसके तहत निजी संचालकों को ओपन टेंडर से खुदरा शराब बिक्री के लाइसेंस जारी किए गए थे। अब तक, नई पॉलिसी लागू होने के बाद दिल्ली के 32 जोन में कुल 850 में से 650 दुकाने खुल चुकी हैं। दिल्ली सरकार का कहना था कि नई नीति से सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। वहीं, दिल्ली भाजपा ने इस नई नीति का विरोध किया था। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने ये कदम ऐसे वक्त पर उठाया।
केजरीवाल की सिंगापुर यात्रा की फाइल एलजी ने कर दी खारिज
नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सिंगापुर यात्रा से जुड़ी फाइल को ख़ारिज कर दिया है। उपराज्यपाल ने कहा मेयर के सम्मेलन में भाग लेना मुख्यमंत्री के लिए उपयुक्त नहीं है। सूत्रों ने कहा कि सक्सेना ने प्रस्ताव को वापस लौटाते हुए कहा कि सम्मेलन में शहरी शासन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी, जिनपर दिल्ली सरकार के अलावा दिल्ली नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद जैसे निकाय काम करते हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली सरकार के पास विशेष अधिकार नहीं है और एक मुख्यमंत्री के लिए इसमें शामिल होना ‘अनुचित’ होगा। उपराज्यपाल ने कहा कि इस तरह के सम्मेलन में मुख्यमंत्री के शामिल होने से गलत नजीर बनेगी।