नोएडा (युगकरवट)। जनपद गौतमबुद्ध नगर के पूर्व जिलाधिकारी बृजेश नारायण सिंह के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनिक कार्यवाही में आरोप साबित न होने पर बिना किसी दंड के समाप्त कर दी गई है। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद दौरे के पश्चात उन्हें गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी के पद से हटाकर अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई थी।

बता दें कि आईएएस अधिकारी बीएन सिंह 2017 से मार्च 2020 तक जनपद गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी थे। गत वर्ष मार्च माह में कोरोना संक्रमण बढऩे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा का दौरा किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया था। इस दौरान जिला प्रशासन की विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय की कमी सामने आई। मुख्यमंत्री की बैठक में डीएम बीएन सिंह को डांट पड़ी थी। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी बीएन सिंह ने लंबी छुट्टी मांगी जिसे सरकार ने अस्वीकार करते हुए उन्हें गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी पद से हटा दिया और उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी। उन पर आरोप था कि उन्होंने छुट्टी का आवेदन पत्र जानबूझकर लीक किया था। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी के पद पर तैनाती की अवधि में बीएन सिंह की ओर से कोविड-19 की रोकथाम में लापरवाही बरतने, पर्यवेक्षण में शिथिलता आदि अनियमितताओं के आरोप में उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई 30 मार्च 2020 को शुरू की गई थी। बीएन सिंह को 28 अगस्त को इस प्रकरण में आरोप पत्र दिया गया था। इस प्रकरण में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा से भी शासन ने रिपोर्ट ली थी। इसके बाद नियुक्ति विभाग ने प्रमुख सचिवों की आख्या का परीक्षण करने के बाद निष्कर्ष निकाला कि अनुशासनिक कार्रवाई समाप्त कर दी जानी चाहिए। इसके पश्चात बीएन सिंह के खिलाफ चल रही अनुशासनिक कार्रवाई को बिना किसी दण्ड के समाप्त कर दिया गया है।