युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। रात से लेकर सुबह ११ बजे तक कविनगर थाना क्षेत्र के बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र में सिलसिलेवार हुए ६ अग्निकांडों के दौरान जहां करोड़ों की संपत्ति जलकर नष्टï हो गई वहीं मेंथॉल/केमिकल बनाने वाली कंपनी में लगी आग ने तो भारी तबाही मचाई। एफ-२६/१ में स्थित मनोज कुमार गुप्ता की केमिकल फैक्ट्री में लगी आग कितनी विकराल रही होगी, इसका अंदाज़ा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि जहां सुबह आठ बजे के आस-पास लगी आग समाचार लिखे जाने तक यानि पांच-छह घंटों में भी नहीं भुज पाई थी वहीं इस कंपनी में लगी आग की चपेट में आकर आस-पास की चार कंपनियों में भी आग लग गई। इतना ही नहीं, केमिकल फैक्ट्री में रखे कैमिकल से भरे ड्रम भी आसमान में पचास-पचास फिट उछलकर तबाही का आलम बनते हुए दिखाई दिए। आग की विकरालता का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि आग पर काबु करने के लिए बागपत, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, गौतमबुद्घनगर व गाजियाबाद के सभी फायर स्टेशनों से दर्जनों गाडिय़ां बुलाई गईं। साथ ही एनडीआरएफ की भी कई गाडिय़ां आग बुझाने में लगी हुई दिखाई दीं। इसके बावजूद आग पर घंटों तक काबु़ नहीं पाया जा सका। आग की वजह से कोई जनहानि न हो, इसके मदï्देनजऱ एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी फायर ब्रिगेड, सीओ कविनगर अभय कुमार मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट विपिन कुमार और एसडीएम सहित पुलिस प्रशासन के कई अधिकारी एनडीआरएफ की टीम के साथ मिलकर रैस्क्यू चलाते व स्थिति पर नियंत्रण करते दिखाई दिए। बता दें कि आग पर काबु करने में एसएचओ कविनगर अजय सिंह व सीओ कविनगर अभय कुमार मिश्रा के अलावा सीएफओ सुनिल कुमार सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जानकारी के अनुसार बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट संख्या एफ-२६/१ पर मनोज कुमार गुप्ता की कैमिकल फैक्ट्री स्थित है। आज सुबह लगभग आठ बजे के आस-पास कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड ने फैक्ट्री के अंदर धुंआ उठता देखा। आग लगने की आशंका के चलते गार्ड ने कंपनी मालिक मनोज गुप्ता को उक्त घटना की जानकारी दे दी। इसके बाद कंपनी मालिक ने फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचना दे दी। आग लगने की सूचना मिलते ही फायार ब्रिगेड की कई गाडिय़ां मौके पर पहुंच कर आग पर काबु पाने लगीं। इसी बीच जब कंपनी के पास स्थित बीआर इंटरप्राइजेज़, शिव आईस कंपनी और कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी को भी आग ने अपने शिकंजे में ले लिया तो विकराल स्थिति एवं किसी त्रासदी से बचने के लिए मौके पर एनडीआरएफ के अलावा दूसरों जनपदों की भी दमकल गाडिय़ां मंगानी पड़ीं। बता दें कि आग पर काबु पाने की जद्दोजहद कर रहे दमकलकर्मियों व अधिकारियों के अलावा मजदूरों व राहगीरों के ऊपर उस समय खतरे के बादल मंडराते दिखाई दिए जब कैमिकल फैक्ट्री में कैमिकल से भरे बड़े-बड़े ड्रम रॉकेट की तरह पचास-पचास मीटर आसमान में उछलकर विस्फोट व आग का सैलाब छोडऩे लगे। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने एनडीआरएफ के साथ मिलकर आस-पास की कंपनियों में काम करे रहे मजदूरों को बाहर निकालकर आस-पास के क्षेत्रों को खाली करवा दिया। इसके बाद दर्जनों गाडिय़ों पर मौजूद दमकल विभाग के सैकड़ों दमकलकर्मियों ने विकराल स्थिति पर काबु तो पा लिया लेकिन समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं कर पाये।
आग कैसे लगी और इन अग्निकांडों में कुल कितने की क्षति हुई, जब इस बाबत सीएफओ सुनिल कुमार सिंह से पूछा गया तो उनका कहना था कि अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। क्या कोई जनहानि भी हुई, जब इस बाबत एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह से पूछा गया तो उनका कहना था कि इस अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के बाद की स्थिति के बारे में सीओ कविनगर अभय कुमार मिश्रा का कहना था कि जिस समय आग लगी, उसके कुछ देर बाद ही कंपनी में कार्य शुरू होने वाला था। इसके चलते कंपनी के कर्मचारी डï्यूटी पर आने लगे थे। श्री मिश्रा ने बताया कि किसी जनहानि को होने से बचाने के लिए सभी को कंपनी से कुछ दूरी पर ही रोक दिया गया तथा कंपनी की ओर आने वाले रास्तों का आवागमन भी कुछ समय के लिए बंद करवा दिया। बता दें कि बीती रात भी इस क्षेत्र में एक पार्क में भयंकर आग लगी थी।