युग करवट संवाददात
दूधेश्वरनाथ मंदिर में कांवडिय़ों ने चढ़ाया हाजिरी का जला
गाजियाबाद। सावन मास के दूसरे सोमवार को जस्सीपुरा स्थित दूधेश्वरनाथ मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ा। वहीं हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे शिवभक्तों ने भी अपने आराध्य को हाजिरी का जल चढ़ाया। बता दें कि मंगलवार रात नौ बजे के बाद से चर्तुेदशी का जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। देर रात से ही मंदिर में भक्तों की लाइन जलाभिषेक के लिए लगनी शुरू हो गई थी। तडक़े सुबह भगवान दूधेश्वर का विशेष श्रंृगार किया गया। श्री दूधेश्वर वेद विद्यालय के आचार्यों द्वारा आशुतोष भगवान का अभिषेक किया गया व पंचामृत स्नान के उपरांत भोग लगाया। इसके बाद मंदिर के महंत व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतर्राष्टï्रीय प्रवक्ता महंत नारायण गिरी द्वारा शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद भक्तों के जलाभिषेक के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। तडक़े सुबह से शुरू हुए जलाभिषेक का सिलसिला दिन भर जारी रहा। मंदिर में लाखों की संख्या में कांवडिय़ां जलाभिषेक करते हैं। जिसे देखते हुए मंदिर परिसर पूरी तरह से तैयार है। सैंकड़ों की संख्या में कांवडिय़ां मंदिर परिसर के आसपास आधार शिविर में ठहरे हुए हैं, जो चर्तुेदशी पर जलाभिषेक करेंगे। इसके उपरांत ही उनकी कांवड़ यात्रा सम्पन्न हो सकेगी। जीटी रोड को भी वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है। गौशाला फाटक, जस्सीपुरा मोड़ पर बेरिकेट्स लगा दिए गए हैं, ताकि शिवभक्तों को किसी प्रकार की समस्या न हो। मंदिर के महंत नारायण गिरी ने बताया कि भगवान शिव को श्रावण माह अतिप्रिय है। श्रावण माह में किये गये पूजन, जप व अभिषेक का फल अनन्त गुणों में मिलता है। उन्होंने बताया कि श्रावण शिवरात्रि का मुख्य मेला 26 जुलाई से 27 जुलाई तक रहेगा। शिवरात्रि का व्रत बुधवार 27 जुलाई को होगा और इसी दिन लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवडिय़ां हरिद्वार, गंगोत्री, गौमुख से गंगाजल लाकर भगवान दूधेश्वर का अभिषेक करेंगे। 26 जुलाई को ही भगवान दूधेश्वर की आठ प्रहर की विशेष पूजा भी आरम्भ होगी। महंत नारायण गिरी ने बताया कि चतुर्देशी का जल मंगलवार 26 जुलाई को शाम 9:15 से प्रारम्भ होकर 27 जुलाई शाम तक चलेगा एवं व्रत भी उसी दिन बुधवार को रहेगा।