युग करवट संवाददाता
मसूरी। कल सुबह डासना देवी मंदिर में सो रहे नरेशानंद नामक साधु पर हुए प्राणघातक हमले के पीछे हमलावर का उदï्देश क्या था और साधु पर हमला करने वाला मंदिर के अंदर था अथवा पुलिस की आंख में धूल झोंककर बाहर से मंदिर परिसर में पहुंचा और क्या नरेशानंद पर हुए जानलेवा हमले के पीछे उसका कोई जानकार दुश्मन है। ऐसे सवालों के जवाब मसूरी थाना पुलिस से लेकर आला अफसर भी काफी माथा-पच्ची के बाद भी नहीं ढूंढ पाये हैं।
हां, पुलिस अधिकारी इतना जरूर कह रहे हैं कि साधु पर हुए हमले के पीछे कोई ऐसा जरूर है जो उसकी हर गतिविधि पर ध्यान रख रहा होगा। उधर, अस्पताल में भर्ती नरेशानंद की हालत यथावत बताई जा रही है। डासना देवी मंदिर में हुए साधु पर जानलेवा हमले की वारदात का खुलासा कब तब हो पायेगा, जब इस बाबत एसपी देहात डॉक्टर इरज राजा से पूछा गया तो उनका कहना था कि पुलिस के हाथ कुछ क्लू लगे हैं लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस घटना का खुलासा कितने दिन में हो पायेगा। श्री राजा ने बताया कि पुलिस की कई टीम उक्त वारदात के खुलासे के लिये दिन-रात कई एंगल पर जांच कर रही हैं।
डीआईजी ने गारद कमांडर समेत दो को किया सस्पेंड
डासना देवी मंदिर परिसर में साधु पर हुए कातिलाना हमले में लापरवाही पाये जाने पर डीआईजी अमित पाठक ने गारद कमांडर मुख्य आरक्षी अरविंद कुमार व आरक्षी धनेश सिंह को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी।