नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। बुजुर्ग पेंशनधारियों के सर्वे में बड़ा खुलासा हुआ है। जिले में ऐसे साढ़े तीन हजार से अधिक लोग मिले हैं जो या तो मृत हो चुके हैं या फिर योजना के लिए आपात्र हैं।
इसके बाद भी विभाग से इन लोगों को पेंशन जारी हो चुकी है। हालांकि डोर टू डोर सर्वे में इसका खुलासा होने के बाद ऐसे ३५८० लोगों की पेंशन रोक दी गई है। जिन लोगों ने पेंशन ले ली है विभाग अब उनसे रिकवरी करने में जुटा है। एक अनुमान के मुताबिक यह रकम ३५ लाख के करीब है। हाल ही में लाभार्थियोंको पारदर्शिता के साथ पेंशन दिए जाने को लेकर विशेष अभियान चलाया गया था जिसमें आधार सीडिंग के साथ ही ऐसे लोगों को चिन्ह्ति करना था जो आपात्र हैं, लेकिन फिर भी पेंशन पा रहे हों। इसमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग मिले जो काफी समय पहले मर चुके हैं, लेकिन उनके खाते में पैसा पहुंच रहा है। इसके अलावा लोग एक से अधिक स्थानों से अलग-अलग खाता संख्या लगाकर पेंशन ले रहे थे। साथ ही डुप्लीकेट नाम से भी पेंशन ली जा रही थी। विभाग के सर्वे में ऐसे ३५८० लोग चिन्हित हुए हैं जो गलत तरीके से पेंशन का लाभ ले रहे थे। अब विभाग ने इन सभी चिन्हित लोगों की पेंशन रोक दी है।
इतना ही नहीं वर्ष २०२३ में ६०४० नए बुजर्ग पेंशनधारकों भी शामिल किया गया है। जिले में आधार प्रमाणीकरण के आधार पर १८ हजार २७ लोगों को वुद्घावस्था पेंशन दी जा रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि जिन लोगों की पेंशन सर्वे के बाद रोकी गई है अब उसकी जांच की जा रही है कि किसके खाते में कितनी रकम पहुंची है, उन सभी से रकम रिकवर की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बुर्जगों को एक हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन सरकार द्वारा दी जाती है। अगर अनुमान लगाया जाए तो एक महीने में ही इन अपात्रों ने साढ़े ३५ लाख की पेंशन ले ली। हालांकि, यह रकम अधिक भी हो सकती है। फिलहाल विभाग जांच में जुटा है।